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झुंझुनूं: पेट्रोल पंप हड़ताल का दिखा बड़ा असर, गाड़ियों की गति पर लगी लगाम

प्रदेशव्यापी आह्वान पर झुंझुनूं(Jhunjhunu) के पेट्रोल पंप(Petrol Pump) भी दिनभर बंद रहे. 

झुंझुनूं: पेट्रोल पंप हड़ताल का दिखा बड़ा असर, गाड़ियों की गति पर लगी लगाम
डीजल-पेट्रोल को जीएसटी में शामिल करने की मांग की गई है. (फाइल फोटो)

संदीप केडिया, झुंझुनूं: प्रदेशव्यापी आह्वान पर झुंझुनूं(Jhunjhunu) के पेट्रोल पंप(Petrol Pump) बुधवार को दिनभर बंद रहे. एक दिन की हड़ताल की खबर ज्यादा सुर्खियों में नहीं आने के कारण वाहन चालकों को परेशानी हुई.

वहीं राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन(Rajasthan Petroleum Dealers Association) के प्रतिनिधि जी. लाल ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा बढाए गए टैक्स से दुखी होकर उन्होंने 24 घंटे की हड़ताल की है. लेकिन यदि फिर भी सरकार ध्यान नहीं देती है तो आने वाले समय में और भी आंदोलन के रास्ते अपनाए जाएंगे. 

जी. लाल ने बताया कि प्रदेश के शेखावाटी(Shekhawati) समेत नौ जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए है. जब से राज्य सरकार ने टैक्स बढ़ाया है. तब से पड़ोसी राज्य पंजाब(Punjab), हरियाणा(Haryana) और गुजरात(Gujrat) से सटे जिलों में डीजल-पेट्रोल की खपत कम हो गई है. क्योंकि एक लीटर में अब सात रुपए तक का फर्क हो गया है. सस्ते के चक्कर में वाहन चालक दूसरे राज्यों से तेल लाने लगे. वहीं तस्करी भी बढ़ गई. 

उन्होंने बताया कि अकेले झुंझुनूं जिले में हर दिन हरियाणा से 70-80 हजार लीटर तेल तस्करी कर लाया जा रहा है. जिसे रोकने के लिए भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही. हालात यह है कि बॉर्डर के इलाकों के पेट्रोल पंप पर नाम मात्र की बिक्री रह गई है. वहीं हरियाणा राज्य में प्रवेश करते ही दुकानों की तरह लाइन लगाकर पेट्रोल पंप खुल गए है. जो केवल और केवल राजस्थान के वाहन चालकों के भरोसे से चल रहे है. उन्होंने कहा कि यदि सरकार पड़ौसी राज्यों के बराबर टैक्स कर दें तो दूसरे राज्यों से लाया जाने वाले तेल पर रोक लगेगी और राजस्व का भी फायदा होगा. वहीं आमजन को भी सस्ता तेल मिलेगा और पेट्रोल पंप भी जिंदा रह सकेंगे.

ये जिले हो रहे है खासे प्रभावित
जी. लाल ने बताया कि शेखावाटी के सीकर, चूरू और झुंझुनूं के अलावा जयपुर ग्रामीण का कुछ इलाका, भरतपुर, अलवर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ समेत नौ जिले है. जो पंजाब, हरियाणा और गुजरात से सटे हुए है. इन तीनों ही राज्यों में राजस्थान के मुकाबले तेल की कीमतें कम है. इसलिए लोग कोशिश करते है कि तेल गाड़ी में डलवाना है तो वे इन्हीं राज्यों से डलवाए. 

भारी वाहन तो आजकर आते ही नहीं पंपों पर
जी. लाल ने बताया कि बड़े और भारी वाहन तो इनदिनों में पेट्रोल पंप पर आना ही बंद हो गए. क्योंकि वे सभी पड़ौसी राज्यों से आते-जाते तेल डलवा लाते है. इसलिए एक बहुत बड़ी खपत राजस्थान से दूर चली गई है. उन्होंने बताया कि बॉर्डर पर स्थित झुंझुनूं जिले के पेट्रोल पंपों की हालात तो यह है कि दिनभर में हजार-पांच सौ लीटर ही तेल बेच पाते है. 

जीएसटी में शामिल करने की मांग
पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने डीजल-पेट्रोल को जीएसटी में शामिल करने की मांग भी की है. उन्होंने कहा है कि यदि डीजल-पेट्रोल जीएसटी में शामिल हो जाते है तो फिर एक-दूसरे राज्यों में डीजल-पेट्रोल सस्ता-महंगा का चक्कर नहीं होगा और सभी जगहों पर पेट्रोल पंप जिंदा रह सकेंगे.