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जैसलमेर के वॉर म्यूजियम में श्रद्धांजलि स्थल का उद्धघाटन, वीरों को किया गया याद

भारतीय सेना के लेफ्टीनेंट जनरल एस. के. सैनी जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ दक्षिणी कमान ने युद्ध स्थल के साथ साथ श्रदांजलि स्थल का उद्घाटन किया.

जैसलमेर के वॉर म्यूजियम में श्रद्धांजलि स्थल का उद्धघाटन, वीरों को किया गया याद
वॉर म्यूजियम में बुधवार का दिन शहीदों के नाम रहा.

मनीष रामदेव, जैसलमेर: 1965 व 1971 में हुए भारत-पाक युद्धों की यादों को आम जनता के बीच रखने वाले वॉर म्यूजियम में बुधवार का दिन शहीदों के नाम रहा. आज जैसलमेर के जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर भारतीय सेना द्वारा निर्मित वॉर म्यूजियम में वीर शहीदों के लिए भव्य श्रद्धांजलि स्थल का उद्धघाटन किया गया.

भारतीय सेना के लेफ्टीनेंट जनरल एस. के. सैनी जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ दक्षिणी कमान ने युद्ध स्थल के साथ साथ श्रदांजलि स्थल का उद्घाटन किया. इस मौके पर सेना के वरिष्ठ अधिकारियो, जवानों, सहित भूतपूर्व सैनिक मौजूद रहे.

स्वर्ण अक्षरों में उकेरे गये हैं शहीदों के नाम
यह स्मारक जोधपुर के पत्थर से भव्य रूप में बनाया गया है. श्रद्धांजलि स्थल में 21 परमवीर चक्र, 53 अशोक चक्र, 188 महावीर चक्र प्राप्त शहीदों के नाम, 12 वीरता पुरस्कार विजेताओं के साथ में जैसलमेर जिले के 15 शहीदों के नाम स्वर्ण अक्षरों में उकेरे गये हैं.

टी.के.आईच ने दिया था मार्गदर्शन
श्रद्धांजलि स्थल का निर्माण जनरल ऑफिसर कमाडिंग बेटल एक्स डिवीजन के टी.के.आईच के मार्गदर्शन में पूरा हुआ. 16 फीट ऊंची और 138 फीट चौड़े चक्र का निर्माण जनरल ऑफिसर कमाडिंग बैटल एक्स डिवीजन के ठीक मध्य में किया गया है.  ये चक्र हमारे जीवन चक्र को इंगित करता है. चक्र के ठीक नीचे तीन सैनिकों के प्रतिबिंब को दिखाया गया हैँ. जो विभिन्न प्रांतों का प्रतिनिधित्व करते हैं.

4 साल पहले हुई थी स्थापना
गौरतलब है कि वार म्यूजियम की स्थापना भारतीय सेना द्वारा 24 अगस्त 2015 को की गयी थी. धीरे- धीरे युद्ध स्थल का विस्तार होता गया. जैसलमेर यूआईटी एवं सैनिक कल्याण बॉर्ड राजस्थान के सहयोग से इस मुकाम को हासिल किया गया है.

(Written By: संजय यादव)