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राजस्थान: आदेश के बाद भी आमजनों को नहीं मिल रही शिकायतों की प्राप्ति रसीद

आदेश के बावजूद आम लोगों को शिकायत करने के बाद प्राप्ति रसीद नहीं मिल रही है.

राजस्थान: आदेश के बाद भी आमजनों को नहीं मिल रही शिकायतों की प्राप्ति रसीद
25 सितंबर 2019 को भी सरकार ने एक परिपत्र जारी किया था. (प्रतीकात्मक फोटो)

जयपुर: आम जनता की समस्याओं से सरोकार रखने वाली गहलोत सरकार(Gehlot Government) में उसके अधिकारी-कर्मचारी ही आदेशों को गंभीरता से नहीं ले रहे. 25 सितंबर को सरकार ने आदेश जारी कर सभी अधिकारियों(Officers) और कर्मचारियों(Employees) को निर्देश दिया था कि सरकारी कार्यालयों में प्राप्त होने वाले परिवाद, प्रार्थनों पत्रों और परिवेदनाओं पर आवश्यक रूप से उन्हें प्राप्ति रसीद देना सुनिश्चित किया जाए. 

मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने सभी अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिवों को निर्देश दिया था कि आदेश को गंभीरता से लेते हुए पालना सुनिश्चित किया जाए. मुख्य सचिव की ओर से दिए गए निर्देशों की मातहत अधिकारी कितनी पालना करते हैं. यह तो सरकार के दूसरे आदेश से आप खुद स्पष्ट समझ सकते हैं. 

मुख्य सचिव की ओर से दिए गए निर्देशों की पालना नहीं होने की शिकायतें जब मुख्यमंत्री स्तर तक पहुंची तो मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने 15 दिन में दुबारा आदेश जारी कर सभी अधिकारियों को पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. 

सरकारी कार्यालयों में प्राप्त होने वाले परिवाद, प्रार्थना पत्र(Application), परिवेदनाओं पर प्राप्ति रसीद नहीं दिए जाने की मिल रही शिकायतों के बाद सरकार ने आदेश जारी कर आवश्यक रूप से प्राप्ति रसीद देने के निर्देश दिए हैं. 

सीएस ने निर्देश देते हुए कहा कि राजकीय पत्र व्यवहार करते समय सभी विभाग आवश्यक रूप से अपने कार्यालय एवं अधिकारी की ई-मेल आईडी अंकित करें. जिससे उचित पत्राचार किया जा सके. 

गौरतलब है कि 25 सितंबर 2019 को भी सरकार ने एक परिपत्र जारी किया था. जिसमें परिवाद, प्रार्थना पत्रों पर आवश्यक रूप से प्राप्ति रसीद देने के निर्देश दिए थे. 

प्रशासनिक सुधार विभाग ने जारी परिपत्र में 18 मार्च 2016 और 27 जून 2019 के परिपत्रों का भी हवाला दिया था. सरकार की ओर से जारी निर्देशों पर अधिकारी अमल नहीं कर रहे हैं. जिसके बाद वापस परिपत्र जारी किया गया है. सरकार ने कहा है कि पत्रों पर आवश्यक रूप से मेल आईडी भी अंकित करें.