मोबाइल सेवा शुरू होने के बाद अब घाटी के लोगों को मिला नया तोहफा, हर जिले में खुले इंटरनेट केंद्र

इन केंद्रों पर जाने वाले छात्रों का कहना है कि वे UPSE, JEE GATE और MCI और अन्य परीक्षाओं सहित काम्पिटेटिव परीक्षाओं में अप्लाई करने को लेकर चिंतित थे. 

मोबाइल सेवा शुरू होने के बाद अब घाटी के लोगों को मिला नया तोहफा, हर जिले में खुले इंटरनेट केंद्र
इस केंद्र पर इंटरनेट कनेक्शन केवल छात्रों तक सीमित नहीं है

श्रीनगर: जम्मू और कश्मीर प्रशासन ने छात्रों और आम लोगों की मदद के लिए हर जिले में इंटरनेट केंद्र की स्थापना ऐसे समय में की है, जब अनुच्छेद 370 के हटने के बाद आतंकी हमले के इनपुट को देखते हुए कश्मीर घाटी में इंटरनेट बंद है. श्रीनगर में, दो ऐसे केंद्र टीआरसी और डिप्टी कमिश्नर दफ्तर में लोगों के लिए स्थापित किए गए हैं. हर दिन, सैकड़ों छात्र और कारोबारी फॉर्म भरने और टेंडर भरने के लिए केंद्र में आते हैं, जिनको सरकारी अधिकारी द्वारा मदद की जाती है और वे अपना काम करते हैं.

इन केंद्रों पर जाने वाले छात्रों का कहना है कि वे UPSE, JEE GATE और MCI और अन्य परीक्षाओं सहित काम्पिटेटिव परीक्षाओं में अप्लाई करने को लेकर चिंतित थे. इन केंद्रों के खुलने के बाद कश्मीर के छात्र जो अपने भविष्य को संवारना चाहते हैं काफी खुश दिखे और सरकार के बेहद शुक्रगुजार हैं. केंद्र के प्रभारी वाहिद ने जी मीडिया से कहा, "हम परीक्षा और नौकरी के फॉर्म भरने में उनकी मदद करते हैं. हमने 6 काउंटर यहां और 4 डीसी कार्यालय में स्थापित किए हैं. इस केंद्र के लगभग 10 हजार फॉर्म पहले ही भरे जा चुके हैं. छात्रों को काफी मदद मिल रही है."

घाटी के सभी जिलों में ये लोगों को अपने डॉक्यूमेंट्स को स्कैन करने, परीक्षा और नौकरियों के लिए ऑनलाइन पैसा भरने में भी मदद करते हैं. केंद्र पर आने वाले छात्र बेहद खुश हैं कि उनको उनका भविष्य संवारने के लिए ऐसे हालातों में भी मदद मिल रही है. छात्र चाहते हैं कि सरकार ऐसे और केंद्र स्थापित करे. फॉर्म भरने केंद्र पर आए छात्र रशीद ने जी मीडिया से कहा, "हम फॉर्म भरने के लिए कठिनाइयों का सामना कर रहे थे और यह एक बड़ी मदद है. मैं यूजीसी नेट की परीक्षा का फॉर्म भरने आया हूं. मैं यह अवसर नहीं खो सकता."

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केंद्र पर मौजूद एक और छात्र मुदासिर अहमद, जो MCI के लिए अप्लाई करने आया था, ने कहा, "पिछले दो महीनों से, हमारे पास कोई इंटरनेट नहीं था. मुझे लगता है कि यह एक बेहतरीन कदम है. अगर हमारे पास ऐसी कोई व्यवस्था नहीं होती तो मैं अपने एमसीआई फॉर्म को भरने के लिए राज्य के बाहर जाने की योजना बना रहा था. यह एक अच्छा कदम सरकार ने लिया है."

आपको बता दें कि इस केंद्र पर इंटरनेट कनेक्शन केवल छात्रों तक सीमित नहीं है. बल्कि व्यापारी भी इसका लाभ उठाते हैं. श्रीनगर के अलावा यह सुविधा सरकार ने लोगों को घाटी के सभी जिलों में भी दी है. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक घाटी में पाकिस्तान से घाटी के लोगों को भड़काने और घाटी में मौजूद आतंकियों को निर्देश देने के लिए आतंकी सीमा पार से इंटरनेट का इस्तेमाल करके ही करते हैं. यही कारण है कि इंटरनेट सेवा को स्थागित रखा गया है ताकि अमन बना रहे.

एजेंसियों के पास यह भी इनपुट हैं कि आतंकी इंटरनेट का इस्तेमाल कर घाटी में किसी बड़े हमले को अंजाम दे सकते हैं. यही कारण है कि फिलहाल इंटरनेट सेवा को शुरू नहीं किया गया है. सूत्रों की माने तो मोबाइल कॉलिंग सेवा शुरू होने का बाद अब एक-दो दिनों में सुरक्षा समीक्षा बैठक में मोबाइल कॉलिंग सेवा शुरू होने के बाद के माहौल पर चर्चा की जाएगी अगर सबकुछ ठीक रहा तो सरकार इस महीने के अंत में कश्मीर में ब्रॉडबैंड इंटरनेट को बहाल कर सकती है.