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जोधपुर में एनजीटी के आदेश के बाद उद्योग लगाना हुआ मुश्किल, युवा परेशान

प्रदूषण निवारण ट्रस्टी राजीव भंडारी ने एनजीटी के आदेश को जोधपुर के विकास के लिए स्पीड ब्रेकर बताया है. उन्होंने राज्य सरकार से इस संबंध में एक्सपर्ट की कमेटी गठित करने की मांग की है.

जोधपुर में एनजीटी के आदेश के बाद उद्योग लगाना हुआ मुश्किल, युवा परेशान
सीपीसी के नियम के तहत प्रदूषण में जोधपुर 14वें स्थान पर आया है.

अरुण हर्ष/जोधपुर: राजस्थान के दूसरे बड़े शहर और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह नगर जोधपुर उद्यमियों के चेहरों पर चिंता की लकीरें नजर आ रही है. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने के एक आदेश ने उद्यमियों को परेशानी में डाल दिया है. एनजीटी की ओर से हाल ही में एक आदेश जारी किया गया है जिसमें जोधपुर के औद्योगिक विस्तार पर रोक लगा दी गई है. साथ ही नई औद्योगिक क्षेत्र का विकास भी नहीं होगा. 

ऐसे में युवाओं के सामने रोजगार का संकट खड़ा होने वाला है. प्रदूषण निवारण ट्रस्टी राजीव भंडारी ने एनजीटी के आदेश को जोधपुर के विकास के लिए स्पीड ब्रेकर बताया है. उन्होंने राज्य सरकार से इस संबंध में एक्सपर्ट की कमेटी गठित करने की मांग की है. साथ ही उन्होंने सभी जिम्मेदार लोगों को प्रदूषण रोकने की दिशा में कार्य करने की भी अपील की है. जोधपुर हैंड प्रोसेस के उपाध्यक्ष पवन लोहिया ने बताया कि इस आदेश से उद्यमियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ेगा और उद्योगों का अपग्रेडेशन नहीं होने से कई उद्योग संकट में आ जाएंगे.

एनजीटी का आदेश आया है यह जोधपुर के विकास के लिए ब्रेक है इसके लिए राज्य सरकार की तरफ से एक एक्सपर्ट कमेटी गठित होनी चाहिए जो सीपीसी के नियम के तहत प्रदूषण में जोधपुर 14वें स्थान पर आया है. इसके क्या पैरामीटर है इसका अध्ययन करके समाधान की जरूरत है. इंडस्ट्री की मोरल जिम्मेदारी भी है कि वह प्रदूषण को रोकने की दिशा में काम करें.

वहीं उद्यमी बॉबी पुरोहित ने एनजीटी के इस आदेश को उद्योगों का गला घोटने का आदेश बताते हुए कहा कि इस तरह के आदेश छोटे व्यापारियों को खत्म करने की साजिश है. उन्होंने कहा कि एक और सरकारों के पास नौकरियां नहीं है वहीं बाजार में भी अत्यधिक मंदी है. ऐसे में इस तरह के आदेश उद्योगों पर नया संकट खड़ा करेगा. जोधपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक बाहेती ने कहा कि एनजीटी के आदेश पर पुलिस की ओर से गठित एसटीएफ की टीम में टेक्निकल व्यक्ति के नहीं होने से आए दिन उद्यमियों को अनावश्यक रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बाहेती ने कहा कि व्यापारियों को भी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम उठाने चाहिए.

बता दें कि एनजीटी के आदेश है कि शहर के वर्तमान औद्योगिक क्षेत्र में नया उद्योग नहीं लगेगा और ना ही पुरानी उद्योग अपना विस्तार कर पाएंगे. ऐसे में अब युवाओं के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा. एक और केंद्र सरकार और राज्य सरकार स्किल डेवलपमेंट पर जोर दे रही है तो वहीं दूसरी ओर नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकसित नहीं होने से इन युवाओं के सामने रोजगार का संकट खड़ा होगा. अब देखना होगा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार जोधपुर के औद्योगिक इकाइयों को बचाने के लिए किस तरह से प्रयास करती है.