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जयपुर: ई-मित्र पर मनमाना पैसा वसूलने की शिकायत पर चलाया गया डिकॉय ऑपरेशन, टीम कर रही जांच

जिला कलेक्टर जगरूप सिंह यादव ने बताया कि ई मित्रों की जांच बड़े स्तर पर करवाई जा रही है. सात दिन तक जिले में यह डिकॉय ऑपरेशन अचानक ही होंगे. 

जयपुर: ई-मित्र पर मनमाना पैसा वसूलने की शिकायत पर चलाया गया डिकॉय ऑपरेशन, टीम कर रही जांच
ई-मित्र कियोस्क पर स्टिंग ऑपरेशन शुरू किया गया.

जयपुर: ई-मित्र पर भामाशाह कार्ड सहित अन्य योजनाओं के लिए मनमाना पैसा मांगने की शिकायत पर जयपुर जिला कलेक्टर ने टीम बनाकर जांच करवाई. जयपुर जिले में एक साथ 100 से अधिक अधिकारियों ने जिले के ई-मित्रों पर छापा मारा. अफसर ग्राहक बनकर ई-मित्र कियोस्क पर बोगस ग्राहक बनाकर पहुंचे. जहां, अधिकतर ई-मित्र कियोस्क पर अनियमितता पाई गई. निर्धारित शुल्क से अधिक राशि मांगने की बात सच साबित हुई.

जयपुर शहर सहित जिलेभर में ई-मित्र कियोस्क पर स्टिंग ऑपरेशन शुरू किया गया. एकाएक इस कार्रवाई के चलते कियोस्क संचालकों के बीच खलबली मच गई. इस बीच 110 से ज्यादा जगह पर अफसर बोगस उपभोक्ता बनकर पहुंचे. इनमें से 60 फीसदी कियोस्क पर निर्धारित से ज्यादा राशि वूसली जा रही थी. इसे देखकर अफसर भी हैरान हो गए. कियोस्कों पर 25 या 30 रुपये के काम के 200 रुपए वसूले जा रहे थे. मूलनिवास, जाति प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर लूट-खसोट होती नजर आई. अफसरों को भी दो टूक जबाव देकर एक ही दाम बताए गए. इस दौरान अधिकारियों ने स्टिंग के वीडियो और फोटो भी लिए हैं. डिकॉय ऑपरेशन के बाद अधिकारियों ने गड़बड़ी करने वाले ई-मित्रों की रिपोर्ट बनाना शुरू कर दिया है.

जिला कलेक्टर जगरूप सिंह यादव ने बताया कि ई-मित्रों की जांच बड़े स्तर पर करवाई जा रही है. सात दिन तक जिले में यह डिकॉय ऑपरेशन अचानक ही होंगे. जिसके तहत गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी. दरअसल, गांधी जयंती से एक दिन पहले आदेश जारी कर बीडीओ, तहसीलदार, एसडीएम और एडीएम को आदेश जारी कर ई-मित्रों पर डिकॉय ऑपरेशन करने के निर्देश दिए गए थे. प्रत्येक अधिकारी को 10 ई-मित्र का टारगेट दिया गया है. सप्ताहभर यह अभियान चलेगा. इसके बाद रिपोर्ट तैयार कर कलेक्टर को सौंपी जाएगी.

आपको बता दें, जिले में सात हजार से ज्यादा ई-मित्र हैं. यहां पर 300 से अधिक तरह की सेवाओं में काम करवाया जा सकता है लेकिन देखने में आता है कि शहर में ई-मित्र संचालक काम करने से मना कर देते हैं. इस कारण जिला कलक्ट्रेट की एकल विंडो पर लोगों की भीड़ दिनों-दिन बढ़ रही है. वहीं जिला प्रशासन के पास हर सप्ताह करीब 10 से 15 ई-मित्रों की शिकायतें आ रही हैं. पिछले तीन महीनों में 100 से अधिक ई-मित्रों पर कार्रवाई हो चुकी है. इसके अलावा इतने ही ई-मित्रों की जांच चल रही है.