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जयपुर: एशिया की सबसे बड़ी सब्जी मंडी में मूलभूत सुविधाओं अभाव, कारोबारी बेहाल

एशिया की सबसे बड़ी फल सब्जी मंडी मुहाना में व्यापार कर रहे स्थानीय व्यापारी सरकारी सिस्टम से काफी दुखी हैं.

जयपुर: एशिया की सबसे बड़ी सब्जी मंडी में मूलभूत सुविधाओं अभाव, कारोबारी बेहाल
फर्स्ट एड तक की सुविधा सब्जी मंडी में उपलब्ध नहीं है.

जयपुर: एशिया की सबसे बड़ी फल सब्जी मंडी, मुहाना  मंडी में मूलभूत सुविधाओं का अभाव कारोबार पर विपराती असर डाल रहा. मंडी शुल्क को समाप्त करने के बाद मंडी समिति के पास आय के संसाधन भी सीमित हो गए है. मंडी में चिकित्सा सुविधाओं का अभाव, बेतरतीब पॉर्किंग, साफ सफाई की अनदेखी, मच्छरों की अधिकता और पेयजल की समस्या कारोबार विस्तार पर असर डाल रही है.

एशिया की सबसे बड़ी फल सब्जी मंडी, मुहाना में व्यापार कर रहे स्थानीय व्यापारी सरकारी सिस्टम से काफी दुखी हैं. अभी तक दुकानों के आवंटन में देरी के कारण परेशानी झेल रहे स्थानीय व्यापारियों को कई और समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. मुहाना फल सब्जी मंडी अध्यक्ष राहुल तंवर का कहना है कि यह मंडी भारत ही नहीं दशिया की सबसे बड़ी फल सब्जी मंडी हैं. इसमें कारोबार विस्तार की अपार संभावनाएं हैं. इसके बावजूद मंडी प्रशासन इसकी देखरेख में कोताही बरत रहा हैं, जिसका असर आने वाले दिनों में कारोबार पर पड़ना तय है. 

फल सब्जी मंडी अध्यक्ष के मुताबिक हजारों लोग प्रतिदिन मंडी में थोक और खुदरा उत्पाद खरीद के लिए आते हैं लेकिन कई सालों से मांग के बावजूद चिकित्सा सेवाओं को लेकर अनदेखी है. कई बार ग्राहकों, किसानों और कारोबारियों को मेडीकल इमरजेंसी हुई है, लेकिन फर्स्ट एड तक की सुविधा मंडी में उपलब्ध नहीं होने से कई बार जान पर बन आई है.

मंडी कारोबारियों का कहना है कि मंडी परिसर में लाखों रूपए खर्च कर वाटर कूलर लगाए गए थे, लेकिन मेंटीनेंस के अभाव में खराब है. जबकि मंडी में प्रतिदिन लोग आते हैं, जो पेयजल के लिए भटकते रहते हैं. देशभर से फल सब्जी से लदे वाहन मुहाना मंडी पहुंचते हैं. पॉकिंग की बेहतर व्यवस्था नहीं होने से अक्सर यातायात जाम के हालाते बने रहते हैं. दुर्घटना की भी संभावना रहती है. मच्छरों ने भी मंडी पर कब्जा किया हुआ है. नगर निगम से मंडी परिसर में नियमित फोगिंग की मांग के बावजूद अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे हैं.

मुहाना मंडी से प्रदेश के अधिकतर किसानों की आय का सीधा जुड़ाव है. इसके वावजूद मंडी व्यवस्थाओं में अनदेखी जारी है. मंडी का सुनियोजित विकास और रखरखाव कारोबारी लिहाज से बेहद आवश्यक है. मंडी कारोबारी प्रशासन की ओर से लगातार की जा रही अनदेखी से दुखी है.