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जयपुर: अनुसूचित जातियों के खिलाफ बढ़ते अपराध को लेकर बीजेपी ने खोला मोर्चा

बीजेपी ने अनुसूचित जाति से जुड़े क्राइम को लेकर पार्टी के विधायकों, सांसदों के साथ दूसरे जनप्रतिनिधियों और नेताओं की एक बैठक बुलाई.

जयपुर: अनुसूचित जातियों के खिलाफ बढ़ते अपराध को लेकर बीजेपी ने खोला मोर्चा
बीजेपी ने कहा सरकार को इस पर गंभीरता से एक्शन लेना चाहिए.

जयपुर: प्रदेश में अनुसूचित जाति के लोगों के खिलाफ अपराध की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं. इसी मसले पर भारतीय जनता पार्टी ने चिंता जताई है. बता दें कि इससे पहले भी बीजेपी ने इस मामले पर चिंता जाहिर कर चुकी है. बीजेपी का आरोप है कि पूर्ववर्ती बीजेपी सरकार के मुकाबले वर्तमान सरकार में अनुसूचित जातियों के खिलाफ अपराध में बढ़ोत्तरी हुई है.

वहीं बीजेपी राजस्थान की कांग्रेस सरकार पर यह आरोप लगाया है कि इस मुद्दे को लेकर गहलोत गंभीर नजर नहीं है. गौरतलब है कि दिसंबर 2018 से जून 2019 तक अनुसूचित जाति के लगभग 3121 मामले संगीन अपराधों में दर्ज हुए हैं. भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश में बढ़ते अपराधों के विरोध में अजमेर कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया था. 

साथ ही, प्रदेश में बढ़ते अपराधों को रोकने एवं प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए बीजेपी ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा भी सौंपा था. एसे में भाजपा ने मांग की है कि सरकार ऐसी घटनाओं को लेकर सक्रियता दिखाए और फास्ट ट्रेक में तत्काल निरंतर सुनवाई कर 3 माह में निस्तारण करे. 

इस मामले में बीजेपी ने अनुसूचित जाति से जुड़े क्राइम को लेकर पार्टी के विधायकों, सांसदों के साथ दूसरे जनप्रतिनिधियों और नेताओं की एक बैठक बुलाई. बैठक में अनुसूचित जाति के लोगों के बीच जागरूकता लाने और पार्टी के विचार पहुंचाने पर चर्चा की गई. नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया के साथ केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी बैठक में मौजूद रहे. बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि प्रदेश में सरकार बदलने के बाद दलितों के खिलाफ अपराध की घटनाएं बढ़ी है. सरकार को इस पर गंभीरता से एक्शन लेना चाहिए. 

अर्जुन राम मेघवाल ने सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि इस मामले में सरकार राजनीति करने की कोशिश कतई ना करे. अनुसूचित जातियों पर बढ़ती अपराध की घटनाओं के साथ बीजेपी को एक चुनावी मुद्दा भी मिल गया है जिसे आने वाले समय में बीजेपी भुनाने की पुरी कोशिश करेगी, आने वाले नगरीय निकाय चुनाव और उपचुनाव में बीजेपी इसे मुद्दा बनाकर जनता के बीच लेकर जीने की तैयारी में है.