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जयपुर के डॉक्टर ने किया चमत्कार, एक साथ की हार्ट के दोनों वाल्व की सफल सर्जरी

मेडिकल क्षेत्र में इस तरह की एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करने वाला EHCC अस्पताल देश का पहला अस्पताल  बन गया है. 

जयपुर के डॉक्टर ने किया चमत्कार, एक साथ की हार्ट के दोनों वाल्व की सफल सर्जरी
इस रिप्लेसमेंट के बाद मरीज पूरी तरह ठीक है.

अशुतोष शर्मा/जयपुर: आपके दिल से जुड़ी हुई राजस्थान से एक एक अच्छी खबर है. राजस्थान की राजधानी जयपुर के EHCC अस्पताल ने देश का पहला ट्रांसकैथेटर डबल वाल्व रिप्लेसमेंट कर दिया है. यानि भारत में एक साथ दो खराब हार्ट वाल्व का पहली बार रिप्लेसमेंट किया गया है.

भारत में तेजी से दिल से जुड़ी बीमारियां सामने आ रही है. बदलती हुई लाइफस्टाइल ने हमें डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारी दी है. जिसके कारण भारत में हृदय रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ी है. कुछ आंकड़े बताते है कि भारत में 1.30 अरब की आबादी में से 4.5 करोड़ लोग दिल की बीमारी से पीडित हैं. इस लिहाज से भारत में हृदय रोगियों की संख्या दुनिया में सर्वाधिक है. यही रफ्तार रही तो भारत बहुत जल्द हृदय संबंधी रोगों की वैश्विक राजधानी हो जाएगा. भारत में पिछले 26 साल में दिल की बीमारी से मरने वालों की संख्या में 34 फीसदी बढ़त दर्ज हुई है.

मेडिकल क्षेत्र में इस तरह की एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करने वाला EHCC अस्पताल देश का पहला अस्पताल है. हार्ट का जब वाल्व खराब हो जाता है तो उसकी सर्जरी होती है. EHCC अस्पताल में पहुंची महिला मरीज की करीब 7 साल पहले इसी तरह की सर्जरी हुई थी. लेकिन इसके बाद महिला के दोनों वाल्व खराब हो गये. आमतौर पर इस तरह के मरीज की सर्जरी में जान जाने का खतरा होता है. लेकिन EHCC अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ रविन्द्र सिंह राव ने एक साथ दोनों खराब वाल्व को रिप्लेस कर दिया.

इस रिप्लेसमेंट के बाद मरीज पूरी तरह ठीक है. दूसरे दिन ही ICU से निकलकर वो आराम से चल फिर पा रही थी. महज 5 से 6 के अंदर वो अपने घर चली गई. आपको बता दें कि एक साथ वो वाल्व का ये रिप्लेसमेंट 78 वर्षीय महिला मरीज के किये गये है. दरअसल दोनों हार्ट वाल्व को रिप्लेस करना बहुत कम होता है. भारत में ये पहली बार है. अमेरिका जैसे देश में भी इस तरह की सर्जरी बहुत रेयर होती है.

इससे पहले भी जयपुर के EHCC अस्पताल में केंद्र सरकार की अनुमति के बाद मेक इन इंडिया ड्रीम को आगे बढ़ाते हुए पहला इंडियन हार्ट वाल्व लगाया जा चुका है. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में ये राजस्थान की बड़ी उपलब्धि थी.  इंडियन वाल्व विदेशी वाल्व की तुलना में 10 लाख रुपए तक सस्ता है. इसका फायदा हजारों भारतीयों को मिल रहा है. यानी, 25 लाख रुपए में लगने वाले हार्ट वाल्व 15 से 17 लाख रुपए में ही लग रहे है.