जयपुर: फेसबुक पर फौजी होने का झांसा देकर कार बेचने के नाम पर ठगे 1 लाख रुपये

पोस्ट पर व्हॉट्सएप नंबर भी दिए हुए थे. दिए गए नंबर पर जब व्हॉट्सएप कॉलिंग की तो गाड़ी बेचने वाले ने अपने आप को ग्वालियर का विकास पटेल बताते हुए फोज में कर्नल बताया. 

जयपुर: फेसबुक पर फौजी होने का झांसा देकर कार बेचने के नाम पर ठगे 1 लाख रुपये
बातों में उसने स्विफ्ट डिजायर गाड़ी के 2012 का मॉडल बताकर 2,10,000 में बेचने की तय कर लिया.

अमित यादव, रेनवाल: जयपुर के रेनवाल कस्बे में एक युवक से फेसबुक कॉलिंग पर कर्नल बनकर सस्ती कार का झांसा देकर सवा लाख रूपये ठगने का मामला सामनें आया है. वार्ड नं 10, खाटुवालों की ढ़ाणी निवासी अशोक कुमार कुमावत ने सस्ती कार के चक्कर में अपने रूपये गंवा दिए. 

ठगी का शिकार बनने के बाद पता चला कि अपने आप को कर्नल बताने वाला फर्जी तथा ठग है. अब युवक रूपये के लिए पुलिस से मदद मांग रहा है. पीड़ित ने बताया कि 11 सितंबर को फेसबुक पर एक कार की बिक्री की पोस्ट देखी, पोस्ट पर व्हॉट्सएप नंबर भी दिए हुए थे. दिए गए नंबर पर जब व्हॉट्सएप कॉलिंग की तो गाड़ी बेचने वाले ने अपने आप को ग्वालियर का विकास पटेल बताते हुए फोज में कर्नल बताया. 

बातों में उसने स्विफ्ट डिजायर गाड़ी के 2012 का मॉडल बताकर 2,10,000 में बेचने की तय कर लिया. विश्वास में लेने के लिए उसने कई फोजी की ड्रेस में फोटोएं डाली. साथ में आधार कार्ड, केंटीन कार्ड की कॉपी भी डाली. सौदा जमने के बाद उसी दिन ठग ने गाड़ी के नंबर बदलवाने के लिए 6,00 और 3,000 रूपये दो बार में पेटीएम से मंगवाए. रूपए पहुंचने पर अगले दिन गाड़ी की डिलेवरी करने की हामी भरी. 

दूसरे दिन 12 सितंबर को ठग ने कहा कि गाड़ी ट्रक से रवाना कर दी है. विश्वास में लेने के लिए ट्रक में लोड किसी कार की फोटो भेज दी. जिससे अशोक झांसे में आगया और उस दिन अलग-अलग छह बार में करीब एक लाख रूपये पेटीएम से भेज दिए. 

इस तरह कुल 1,19,000 रूपए ठग ने रूपए मंगवा लिए. इसके बाद भी कार नहीं पहुंची तो उसे संदेह हुआ. बार-बार फोन करने पर ठग ने धमका दिया और कहा कि पूरी रकम नहीं भेजी है इसलिए कार वापिस आ गई. कुछ दिनों में रूपये भेज दूंगा. कुछ दिन इंतजार के बाद युवक रेनवाल थाना पहुंचा, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई. ठगी के शिकार युवक ने बताया कि बाद में मैनें अपने स्तर पर ऑनलाईन ठग के डाक्यूमेंट चैक किए तो सभी फर्जी निकले.