जयपुर: बिना किसी लाव-लश्कर के फिर मंदिर पहुंचे राज्यपाल कलराज मिश्र, जनता हुई हैरान

राज्यपाल कलराज मिश्र (kalraj mishra) रविवार की सुबह गोविंद देवजी के दरबार में पहुंचे. वहां उन्होंने आधे घंटे तक गोविंद देवजी की पूजा आर्चना की.

जयपुर: बिना किसी लाव-लश्कर के फिर मंदिर पहुंचे राज्यपाल कलराज मिश्र, जनता हुई हैरान
हाल ही में कलराज मिश्र ने राजस्थान के राज्यपाल के रूप में शपथ ली है.

जयपुर: राज्यपाल कलराज मिश्र (kalraj mishra) आज सुबह गुलाबीनगरी के आराध्य देव गोविंद देवजी मंदिर पहुंचे. पत्नी के साथ पहुंचे राज्यपाल कलराज मिश्र ने गोविंद देवजी की पूजा आराधना की. इस दौरान राज्यपाल के सादगी भरे व्यक्तित्व को देखकर हर कोई दंग रह गया. राजयपाल कलराज मिश्र (kalraj mishra) बिना किसी प्रोटोकॉल और लवाजमे के साथ गोविंद देवजी मंदिर पहुंचे थे. मंदिर प्रवक्ता अंजन कुमार गोस्वामी ने राज्यपाल को पूजा करवाई.

राज्यपाल कलराज मिश्र (kalraj mishra) रविवार की सुबह गोविंद देवजी के दरबार में पहुंचे. वहां उन्होंने आधे घंटे तक गोविंद देवजी की पूजा आर्चना की. मिश्र में प्रदेश में खुशहाली की कामना की. मीडिया से बातचीत में मिश्र ने कहा कि यह देवभूमि हैं, शौर्य और साहित्य की भूमि हैं. भगवान श्री कृष्ण भी मथुरा से आते हैं मैं भी उत्तरप्रदेश का निवासी हूं, ऐसे में सबसे पहले जयपुर के आराध्य के दर्शन करने पहुंचा हूं.

मिश्र ने बताया कि मैं राज्यपाल की शपथ नहीं लेने से पहले प्रथम पूज्य गणेशजी का आशीर्वाद लेने पहुंचा था. प्रदेश तरक्की के रास्ते पर चले और प्रत्येक नागरिक खुशहाल रहे यहीं ईष्ट से कामना हैं. यहां केवल दर्शन करने आया था, पूजा का भी आयोजन हुआ अच्छा लगा. आराध्य देव की दर पर हमेशा अच्छा लगता हैं. 

वहीं, जब राज्यपाल बिना किसी लाव-लश्कक के गोविंद देवजी मंदिर पहुंचे तो उनकी यह सादगी मंदिर में आए भक्तों को भी लुभा गई. अवकाश होने से बड़ी संख्या में भक्तो की मंदिर परिसर में भीड़ थी. हर कोई अचम्भित था कि प्रदेश के राज्यपाल एक सामान्य भक्त की मरह गोविंद के दर्शन करने आए. पूजा के बाद मंदिर प्रवक्ता अंजन कुमार गोस्वामी ने प्रभु गोविंद की तस्वीर और प्रसाद राज्यपाल कलराज मिश्र को भेंट किया. राज्यपाल कलराज मिश्र ने यह भी कहा कि उनकी देवस्थानों में गहरी आस्था है. प्रदेश के देवस्थलों का दर्शन करते रहेंगे.

बता दें कि हाल ही में कलराज मिश्र ने राजस्थान के राज्यपाल के रूप में शपथ ली है. कलराज मिश्र इससे पहले मोदी सरकार में 2017 तक सूक्ष्‍म, लघु और उद्यम मंत्री (एमएसएमई) रहे. वह तीन बार राज्‍यसभा के भी सदस्‍य रहे. कलराज मिश्र ने  2017 में कलराज मिश्र ने मंत्री पद से इस्‍तीफा दे दिया था. आधिकारिक तौर पर कलराज मिश्र ने लोकसभा चुनाव (Lok sabha elections 2019) नहीं लड़ने का ऐलान किया था. हालांकि उस समय मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके कलराज मिश्र को हरियाणा का चुनाव प्रभारी बनाया गया था.