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जयपुर: स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में सामने आई अधिकारियों की लापरवाही, जानें पूरा मामला

चारदिवारी की गलियों को स्मार्ट बनाने और बिजली की लाइनों को अण्डरग्राउंड करने का काम तो शुरू किया गया है, अब तक काम पूरा नहीं हो पाने के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है. 

जयपुर: स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में सामने आई अधिकारियों की लापरवाही, जानें पूरा मामला
मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के चार जिलों का चयन हुआ था.

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए चारदिवारी क्षेत्र में इलेक्ट्रिफिकेश, ड्रेनेज लाईन, पाईप लाईन डालने का काम 1 साल पहले शुरू किया गया था. लेकिन बिना प्लानिंग शुरू किए गए काम क्षेत्र के लोगों के लिए मुसीबत बन गए है. वहीं चारदिवारी की गलियों को स्मार्ट बनाने और बिजली की लाइनों को अण्डरग्राउंड करने का काम तो शुरू किया गया है. लेकिन तय 1 महीने के अंदर काम पूरा नहीं करने से खुदी हुई सड़कें लोगों की दिक्कतों को बढ़ा रही हैं.

हैरिटेज सिटी में गंदगी का अंबार
पिंकसिटी जयपुर को स्मार्ट सिटी और अब हैरिटेज सिटी का दर्जा मिल चुका है. लेकिन अब भी जहां देखो वहां बस गंदगी के ढ़ेर ही नजर आते है. आज भी हैरिटेज सिटी में चार दिवारी की गलियां गंदगी से पटी पड़ी हैं. स्मार्ट सिटी के नाम पर शुरू हुआ काम यहां के व्यापारियों और स्थानिय लोगों के लिए परेशानी का कारण बन चुका है. वहीं आने वाले समय में शहर की खूबसूरती में चार चांद लगाने वाले वॉक वे का इंतजार भी खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है. अधूरे काम के चलते इलाके के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है.

कई बार शिकायत कर चुके हैं लोग
आपको बता दें कि स्मार्ट सिटी प्रशासन की प्लानिंग और रवैये से स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है. स्थानीय लोग अधूरे पड़े कामों से होने वाली समस्यओं को कई बार प्रशासन के सामने भी रख चुके हैं. लेकिन फिर भी अधूरे पड़े ये काम आज भी अधूरे ही हैं या फिर कछुआ चाल से चल रहे हैं. वहीं काम नहीं होने से इलाके के लोग आज भी स्थानिय जनप्रतिनिधि से लेकर सरकार तक से गुहार लगा रहे हैं. लेकिन स्थानिय लोगों की समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है.

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में प्रदेश के 4 जिले
गौरतलब है कि, मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के चार जिलों का चयन हुआ था. जिसमें जयपुर, उदयपुर, कोटा और अजमेर शामिल है. तभी से इन शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने का काम भी शुरू कर दिया गया लेकिन अधिकारियों की लापरवही के चलते ये कार्य पूरा होता नजर ही नहीं आ रहा.