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जयपुर: RCA चुनाव को लेकर रामेश्वर डूडी गुट ने चली नई चाल, बदले समीकरण...

1 अक्टूबर को जहां अध्यक्ष पद पर सीपी जोशी गुट के वैभव गहलोत ने नामांकन दाखिल किया था तो रामेश्वर डूडी गुट की ओर से अपना कोई उम्मीदवार अध्यक्ष पद पर नहीं उतारने का दावा किया था. 

जयपुर: RCA चुनाव को लेकर रामेश्वर डूडी गुट ने चली नई चाल, बदले समीकरण...
पिछले 15 दिनों से आरसीए चुनाव में पल-पल नये मोड़ देखने को मिले हैं.

जयपुर: 4 अक्टूबर को होने वाले आरसीए चुनाव को लेकर नाम वापसी के साथ ही अब तस्वीर पूरी तरीके से साफ हो गई है. 6 पदों पर होने वाले इन चुनावों में कुल 13 प्रत्याशी चुनावी मैदान पर डटे हुए हैं. अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष और एग्जीक्यूटिव मेंबर पर जहां दोनों ही गुट के एक-एक प्रत्याशी चुनावी मैदान में मौजूद हैं. वही संयुक्त सचिव पद पर मुकाबला काफी रोमांचक बन गया है. संयुक्त सचिव पद पर सीपी जोशी गुट के महेंद्र नाहर चुनावी मैदान में है. वहीं रामेश्वर डूडी गुट के दो प्रत्याशी पिंकेश जैन और ब्रजकिशोर उपाध्याय चुनावी मैदान में डटे हुए हैं.ऐसे में अब आरसीए के चुनाव काफी रोमांचक मोड़ पर पहुंच गए हैं.

पिछले 15 दिनों से आरसीए चुनाव में पल-पल नये मोड़ देखने को मिले हैं. 1 अक्टूबर को जहां अध्यक्ष पद पर सीपी जोशी गुट के वैभव गहलोत ने नामांकन दाखिल किया था तो रामेश्वर डूडी गुट की ओर से अपना कोई उम्मीदवार अध्यक्ष पद पर नहीं उतारने का दावा किया था. इसके साथ ही अन्य 5 पदों पर अपने प्रत्याशियों को उतारने की घोषणा की थी. जिसके बाद अध्यक्ष पद पर वैभव गहलोत के निर्विरोध जीतने के समीकरण बन गए थे. लेकिन 2 अक्टूबर को रामेश्वर डूडी गुट की ओर से अध्यक्ष पद पर वैभव गहलोत के सामने राम प्रकाश चौधरी को खड़ा कर दिया गया. अन्य 5 पदों पर भी ताल ठोक दी गई. गुरुवार को पूरे दिन दोनों ही गुटों की ओर से पदों को लेकर माथापच्ची का दौर चला. इस दौरान शाम 5 बजे नाम वापसी से पहले कई बार समझौते के दौर में चले, लेकिन पदों पर अपने प्रत्याशियों की सहमति नहीं बनने के चलते आखिरकार समझौता नहीं हो पाया. अब सभी 6 पदों पर दोनों ही गुट के प्रत्याशी चुनावी मैदान में डटे हुए हैं.

नाम वापसी के साथ ही अब सीपी जोशी गुट काफी खुश नजर आ रहा है. सीपी जोशी गुट की ओर से कल होने वाले चुनाव में 22-10 के अंतर से जीत हासिल करने का दावा किया जा रहा है. सीपी जोशी गुट के रामपाल शर्मा का कहना है कि 'रामेश्वर डूडी गुट में मतदान से पहले ही फूट पड़ चुकी है, क्योंकि उनकी ओर से संयुक्त सचिव पद पर 2 उम्मीदवारों ने नामांकन भरे थे लेकिन दोनों में से कोई भी एक अपना नामांकन वापस लेने नहीं पहुंचा है. ऐसे में मतदान से पहले ही उनकी फूट साफ नजर आने लगी है.' वहीं दूसरी ओर उपाध्यक्ष पद पर सीपी जोशी गुट की ओर से चुनाव लड़ रहे हैं अमीन पठान का कहना है कि '4 अक्टूबर को होने वाले आरसीए चुनाव में सीपी जोशी गुट सभी 6 पदों पर जीत हासिल करेगा. इसके साथ ही रामेश्वर डूडी गुट की जो फूट है वह हमें काफी फायदा पहुंचाएगी'.

4 अक्टूबर को होने वाले आरसीए चुनाव में सबकी नजरें अब संयुक्त सचिव पद पर टिक गई है. संयुक्त सचिव पद पर जहां सीपी जोशी गुट के महेंद्र नाहर चुनाव लड़ रहे हैं. वहीं अब उनको रामेश्वर डूडी गुट के दो प्रत्याशी चुनौती दे रहे हैं. रामेश्वर डूडी गुट की ओर से पिंकेश जैन और ब्रज किशोर उपाध्याय चुनावी मैदान में हैं. पिंकेश जैन का स्वास्थ्य खराब होने के चलते आज अपना नामांकन वापस नहीं लेने पहुंचे थे. जिसके बाद अब वह भी चुनावी मैदान में बने हुए हैं. हालांकि पिंकेश जैन का rca अकेडमी पर हमेशा मौजूद रहना और नाम वापसी के दिन ही नहीं पहुंचना चर्चाओं में रहा. संयुक्त सचिव पद पर हो रही टक्कर को लेकर सीपी जोशी गुट और संयुक्त सचिव पद प्रत्याशी महेंद्र नाहर का कहना है कि 'मुकाबला काफी रोमांचक है लेकिन रामेश्वर डूडी गुट की फूट का फायदा उनको मिलेगा. सभी 6 पदों पर सीपी जोशी गुट के प्रत्याशियों की ही जीत होगी'.

नामांकन वापसी के बाद रामेश्वर डूडी गुट के प्रत्याशी काफी अलग अलग नजर आ रहे थे. जहां ब्रज किशोर उपाध्याय और ऐश्वर्य कटोच मीडिया से बात करते हुए कतरा रहे थे. वहीं, रामेश्वर डूडी गुट की ओर से कोषाध्यक्ष पद पर नामांकन दाखिल करने वाले अनंत व्यास ने कहा कि 'संयुक्त सचिव पद पर पिंकेश जैन को नामांकन वापस लेना था.उनका स्वास्थ्य  सही नहीं था और वह स्टेडियम नहीं आए. जिसके बाद चुनाव अधिकारी से उनके नामांकन वापस लेने की बात कही. लेकिन चुनाव अधिकारी ने प्रत्याशी के मौजूद रहने का हवाला दिया और उनका नाम वापस नहीं लिया गया. हालांकि समझौते के सवाल पर अनंत व्यास ने कहा कि 'समझौते के प्रयास लगातार जारी हैं और मतदान से पहले तक वह जारी रहेंगे. यदि कोई समझौता बनता है तो सभी पदाधिकारी एकजुट होकर इन चुनाव में हिस्सा लेंगे. इसके साथ ही अनंत व्यास ने सीपी जोशी गुट पर मतदाताओं की बडाबंदी के भी आरोप लगाए.

बहरहाल, नाम वापसी के साथ ही अब आरसीए चुनाव की तस्वीर साफ हो गई है. वैभव गहलोत के निर्विरोध निर्वाचन के सभी कयास खत्म हो गए हैं. वहीं सभी 6 पदों पर दोनों ही गुट के प्रत्याशी चुनावी मैदान में मौजूद हैं. ऐसे में समझौतों के कयासों के बीच अब दोनों ही गुट अपनी-अपनी जीत के दावे करने लगे हैं,, लेकिन यह तो मतदान के बाद ही पता चलेगा कि आखिर RCA का चुनावी ऊंट किस करवट बैठता है.