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जयपुर: पीएचईडी के कर्मचारियों ने शुरू किया कमलबंद आंदोलन, रखी यह मांग...

इस आंदोलन के लेकर कर्मचारियों का कहना है कि सालों से उनकी डीपीसी अटकी हुई है. जिस कारण सालों से प्रमोशन नहीं हुए.

जयपुर: पीएचईडी के कर्मचारियों ने शुरू किया कमलबंद आंदोलन, रखी यह मांग...
प्रदेशभर के कर्मचारियों ने अपने कलम रोक दी है.

जयपुर: पीएचईडी में इंजीनियर के बाद अब कर्मचारी भी आंदोलन पर उतर गए है. खबर के मुताबिक, बुद्धवार को पूरे कर्मचारियों को पूरे प्रदेश में कमलबंद आंदोलन शुरू हो गया है. माना जा रहा है कि सात सूत्रीय मांगों को लेकर किए जा रहे आंदोलन से जलदाय व्यवस्था चौपट हो जाएगी. ऐसे में पीएचईडी में प्रदेश में पेयजल व्यवस्था ठप होने के आसार दिखाई देने लगा है.

राजस्थान में पीएचईडी कर्मचारियों की कलम आज से रूक गई है. कमल रुकने से प्रदेश में पेयजल व्यवस्था चौपट होने के पूरे आसार है. प्रदेशभर के कर्मचारियों ने अपने कलमे रोक दी है. कलम रुकने से राजस्व कार्य, पानी के बिल बनाने का कार्य और विभाग के हाईकोर्ट से संबंधित कार्य पूरी तरह से रूक चुके है. 

वहीं, इस आंदोलन के लेकर कर्मचारियों का कहना है कि सालों से उनकी डीपीसी अटकी हुई है. जिस कारण सालों से प्रमोशन नहीं हुए. इसके अलावा दो वर्षीय परिविक्षा अवधि प्रकरण, टंकण में शिथिलता, मृतक आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग है, लेकिन यदि समय पर मांगे नहीं मानी गई तो आने वाले दिनों में पेयजल व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो सकती है. इस संबंध में पीएचईडी मंत्री बीडी कल्ला को ज्ञापन भी दिया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई.

वहीं, पीएचईडी मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष विजय सिंह राजावत के मुताबिक कमल रुकने से प्रदेश में पेयजल व्यवस्था चौपट होने के पूरे पूरे आसार है. प्रदेशभर के कर्मचारियों ने अपने कलम रोक दी है. उनके मुताबिक कलम रूकने से राजस्व कार्य,पानी के बिल बनाने का कार्य और विभाग के हाईकोर्ट से संबंधित कार्य पूरी तरह से रूक चुके हैं.

पीएचईडी में डीपीसी की समस्या से केवल कर्मचारी ही नहीं बल्कि इंजीनियर्स भी आहत है. प्रदेश में 120 एईएन से एक्सईएन और 160 जेईएन से एईएन के पद पर प्रमोशन होना बाकी है. डीपीसी मामले में जलदाय विभाग,कार्मिक विभाग के लापरवाही सामने आ रही है. जिसके चलते प्रमोशन में लगातार देरी हो रही है. इसके अलावा जेइएन की भी ग्रेड पे 3600 से बढाकर 4800 नहीं हो पा रही है. हालांकि, जलदाय मंत्री बीडी कल्ला ने कहा बै कि दो साल से पूरा मामला अटका हुआ है. हमारी सरकार अभी आई है. अब जल्द ही डीपीसी मंजूर होगी.