close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

जयपुर: लोगों के लिए मुसीबत बने सड़कों पर घूम रहे आवारा पशु, प्रशासन बेखबर

राजधानी के फुलेरा में इन दिनों सड़कों पर खुलेआम घूमते आवारा पशु आमजन के लिए काल बनकर घूम रहे हैं.

जयपुर: लोगों के लिए मुसीबत बने सड़कों पर घूम रहे आवारा पशु, प्रशासन बेखबर
शहर की सड़कों पर लावारिस जानवर मौत बनकर घूम रहे हैं.

फुलेरा: प्रदेश में जहां एक ओर गाय के नाम पर राजनीति की जाती है, गाय के नाम पर गौशालाए खोली जाती है. यहां तक कि करोड़ों रुपए का बजट पेश किया जाता है. लेकिन बावजूद इसके इन आवारा जानवरों को ना छत मिलती है ना खाने को भोजन. जिसके बाद यह भुखे जानवर शहर की सड़कों पर आतंक मचा मे जुट जाते हैं.

राजधानी के फुलेरा में इन दिनों सड़कों पर खुलेआम घूमते आवारा पशु आमजन के लिए काल बनकर घूम रहे हैं. मोहल्ले, सड़क या बाजार हो दिन-रात आवारा पशु का जमावड़ा आमजन के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है. इन आवारा जानवरों के आतंक के चलते स्कूली बच्चों और लोगों का घर से बाहर निकलना और सड़कों पर चलना तक दुश्वार हो गया है. आवारा पशुओं की वजह से कई लोग घायल हो चुके हैं. वहीं, कई परिवार को लोग इस हादसे का शिकार हो चुके है. 

शहर की सड़कों पर लावारिस जानवर मौत बनकर घूम रहे हैं. इससे आए दिन राहगीरों को जान से हाथ धोना पड़ता है. लावारिस पशुओं के कारण बार-बार हो रहे सड़क हादसों के बावजूद भी प्रशासन कोई सबक नहीं ले रहा है. लावारिस पशुओं के कारण हुए सड़क हादसों में दर्जन भर से ज्यादा लोग घायल हो गए चुके हैं. बावजूद इसके प्रशासनिक अधिकारी अपने स्तर पर सड़क से जानवरों को हटाने के लिए कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे है.

यह आवारा जानवर खेत से लेकर सड़कों तक पहुंचने के बाद अब अस्पतालों और सरकारी कार्यालयों में दस्तक देने लगे है. जानवर किसानों के साथ-साथ अब शहरी लोगों के लिए भी आफत बन गए हैं. आवारा जानवरों के चलते सड़कों पर चलने वाले आमजन और वाहन चालकों को हर समय मौत का भय बना रहता है. यहां आवारा जानवर सड़कों पर अपना डेरा डाल के झुंड बनाकर बैठे रहते हैं. वहीं रात के समय यह मुसीबत और भी ज्यादा भयानक हो जाती है. रात के समय इन आवारा जानवरों से वाहन चालक टकरा जाते हैं और हादसे का शिकार होते हैं.

कस्बे और गांवों में इन आवारा जानवरों के जमावड़े और इनके द्वारा हो रहे हादसों से आमजन काफी परेशान है, ग्रामीणों ने बताया कि लावारिस जानवरों के अलावा भी सैंकड़ों की संख्या में जानवर घूमते रहते हैं, जिनके मालिक इन जानवरों को दिनभर खुला छोड़ देते हैं, जिसके चलते इन आवारा जानवरो की संख्या में और बढ़ोतरी हो जाती है. इसके समाधान के लिए नगर पालिका प्रशासन को आवारा जानवरों को गौशाला भेजना चाहिए साथ ही खुला छोड़ने वाले पशुपालकों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए जिससे वह अपने पशुओं को खुला ना छोड़े.

शहर में घूम रहे आवारा जानवर आमजन के लिए सिरदर्द बने हुए हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि सरकार कोई हो हमेशा गाय के नाम पर राजनीति ना करके गायों के लिए आशियाने की व्यवस्था करनी चाहिए. जिससे आमजन के साथ-साथ किसान भी अपनी फसल की रखवाली सही तरीके से कर सके और जो शहर में आवारा पशुओं से लगातार दुर्घटनाएं हो रही है उनमें भी कमी आ सके.

(इनपुट-अमित यादव, सुनील कुमावत)