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जयपुर: प्रशासनिक सुधार विभाग की टीम ने किया 3 कार्यालयों में औचक निरीक्षण, फिर...

सरकार की तमाम कोशिशों के बाद भी सरकारी कार्यालयों में देरी से आने वाले अधिकारी और कर्मचारियों की कार्यशैली में बदलाव नहीं आ पा रहा है.

जयपुर: प्रशासनिक सुधार विभाग की टीम ने किया 3 कार्यालयों में औचक निरीक्षण, फिर...
जब्त किए हाजिरी रजिस्टरों की जांच की तो सच सामने आया.

जयपुर: सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों के देर से आने की आदत एक बार फिर सामने आई. प्रशासनिक सुधार निरीक्षण विभाग की विजीलेंस टीम ने कलेक्ट्रेट, जिला परिषद कार्यालय और संभागीय आयुक्त कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया. वहां से जब्त किए हाजिरी रजिस्टरों की जांच की तो सच सामने आया. उस समय तक 62.62 प्रतिशत अधिकारी और कर्मचारी अपने ऑफिस नहीं पहुंचे. स्टेट विजिलेंस के रजिस्टर जब्त कर ले जाने की भनक लगते ही कुछ विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एडीएम आफिस के पास मंडराने लगे. रजिस्टर में हस्ताक्षर नहीं होने के कारण गिनाने लगे.

सरकार द्वारा भले ही पारदर्शी और जवाबदेही प्रशासन की बात की जाती हो, लेकिन सरकारी विभागों में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारियों की लेट लतीफी की प्रवृति के कारण सरकारी दफ्तरों की दशा खराब है. सरकार द्वारा भले ही सुबह साढे नौ बजे से शाम छह बजे तक का कार्यालय समय निर्धारित किया हुआ है, लेकिन अधिकारी समय पर नहीं आ पाते हैं. कई बार प्रशासनिक अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान सामने आया है कि कई अधिकारी-कर्मचारी सीट से नदारद मिलते हैं. जिससे लोगों को परेशानी होती है.

वहीं, सरकार की तमाम कोशिशों के बाद भी सरकारी कार्यालयों में देरी से आने वाले अधिकारी और कर्मचारियों की कार्यशैली में बदलाव नहीं आ पा रहा है. गुरूवार सुबह प्रशासनिक सुधार विभाग की टीम ने सरकारी कार्यालयों में छापेमारी की तो जिला प्रशासन के दावों की पुल खुल गई. टीम की निरीक्षण की सूचना मिलते ही कर्मचारियों में खलबली मच गई. प्रशासनिक सुधार विभाग के अतिरिक्त सचिव अनिल चतुर्वेदी के निर्देशन में 13 सदस्यीय टीम जल्दी सुबह जिला मुख्यालय पहुंची. 

इसके बाद वह 9.40 बजे टीम कलेक्ट्रेट में दाखिल हुईं. एक के बाद एक आफिस से हाजिरी रजिस्टर कब्जे में लेती गई. एक टीम अन्य जगह संचालित सरकारी कार्यालयों में भी पहुंची. सुबह 10 बजे तक सभी शाखाओं से जब्त रजिस्टरों को लेकर टीमें एडीएम प्रशासन के आफिस पहुंची. इसके बाद इन रजिस्टरों में इस माह की तारीखों की जांच की जाने लगी. जिस भी तारीख में कालम खाली मिले, उन पर लाल क्रॉस लगाकर निरीक्षण विभाग की छाप लगा दी.

बता दें कि राज्य प्रशासनिक सुधार निरीक्षण विभाग की जांच के बाद तैयार रिपोर्ट के अनुसार विभिन्न विभागों के 69 में से 65 राजपत्रित अधिकारी अनुपस्थित पाए गए. वहीं  723 अराजपत्रित कर्मचारियों में से 431 को अनुपस्थित मिले. टीम ने राजस्थान संपर्क पोटर्ल पर पुलिस, वन, स्वायत्त शासन, पंचायतीराज, जलदाय, खनिज आपदा प्रबंधन आदि विभागों से संबंधित परिवाद या शिकायतों के निस्तारण की रिपोर्ट लेते हुए भी अधिकारियों से चर्चा की. 

प्रशासनिक सुधार निरीक्षण एवं समन्वय विभाग के शासन सहायक सचिव अनिल चतुर्वेदी ने बताया कि अतिरिक्त मुख्य सचिव रविशंकर श्रीवास्तव के निर्देशानुसार जिलों में जाकर इस तरह की चेकिंग की जाती है. ताकि कर्मचारियों वअधिकारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित हो. टीम संपर्क पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों की भी जानकारी जुटाती है, ताकि सुनवाई की हकीकत सामने आए. निरीक्षण की रिपोर्ट पहले मुख्यालय को भेजी जाएगी. इसके बाद संबंधित विभाग एचओडी को जाएगी. इसका फॉलोअप किया जाएगा.