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जयपुर ट्रैफिक पुलिस होगी हाईटेक, मोबाइल एप से फोटो लेकर कटेंगे चालान

ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को कैमरे दिए गए हैं, जिससे नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों की फोटो लेकर उन्हें भेजी जा सके.

जयपुर ट्रैफिक पुलिस होगी हाईटेक, मोबाइल एप से फोटो लेकर कटेंगे चालान
इस मोबाइल एप के जरिए पुलिस की कार्यप्रणाली में तेजी आएगी.

जयपुर: राजस्थान के जयपुर में ट्रैफिक पुलिस की ओर से कई नवाचार किए जा रहे है. इस बार पुलिस ने एक मोबाइल एफ तैयार करवाया है जो कि सड़कों पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को दिया जायेगा, जिसकी मदद से पुलिकर्मी नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों की तस्वीर एफ के जरिए लेकर तत्काल उसका चालान बना सकेंगे. इसके जरिये पुलिस और आमजन के समय की बचत होगी और लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरुकता बढेगी.

शहर में नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के लिए ई-चालान बनाने की व्यवस्था की गयी है. ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को कैमरे दिए गए हैं जिससे नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों की फोटो लेकर उन्हें भेजी जा सके. इस प्रक्रिया में वाहन चालकों को डाक या कुरियर के जरिए चालान भेजकर उन्हें चालान की राशि जमा कराने को कहा जाता था. हालांकि, उस सिस्टम में सारा काम मैनुअल तरीके से किया जाता था.

बता दें कि, नियम तोड़ने वाले वाहन की फोटो लेकर पहले ट्रैफिक कंट्रोल रुम में भेजा जाता था. जहां पर उसका डाटा फीड होता था और उसके बाद चालान बनाया जाता था. लेकिन अब ट्रैफिक पुलिस समय के साथ साथ हाइटेक होती नजर आ रही है. ट्रैफिक पुलिस ने राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र यानि कि एनआईसी से एक मोबाइल एफ का निर्माण करवाया है. इस एप के जरिए अब नियम तोड़ने वालों वाहन चालकों की फोटो लेकर उसका तत्काल चालान बनाया जा सकेगा.

डीसीपी राहुल प्रकाश का कहना है कि इस मोबाइल एप के जरिए पुलिस की कार्यप्रणाली में तेजी आएगी. मोबाइल एप परिवहन विभाग के डाटा से जुड़ा रहेगा. जिसके जरिए वाहन की तस्वीर लेते ही उसकी जानकारी ऑटोमेटिक सॉफ्टवेयर में आ जाएगी. इसके बाद वाहन चालक जो भी गलती करेगा या नियम तोड़ेगा उसके मुताबिक चयन करते ही चालान की राशि उस एप में आ जाएगी. जिसके जरिए विभाग की कार्यप्रणाली में भी पारदर्शिता आ पाएगी. एप के ऑनलाइन होने से जो भी चालान बनाया जायेगा और वो सीधे ही कंट्रोल रुम में दिखने लगेगा और कंट्रोल रुम से अनुमति होते ही उसका चालान प्रिंट हो जायेगा.

ट्रैफिक पुलिस लगातार अपने आप को हाइटेक बनाती जा रही है. इस एप के आने के बाद ट्रैफिक पुलिस का करीब 80 प्रतिशत समय बचेगा जिसे अन्य ट्रैफिक सुधार में लगाया जा सकेगा. साथ ही, वाहन चालकों के सामने ही तत्काल चालान तैयार होने से उन्हे भी अपनी गलती का अहसास होगा जिसके जरिये लोगों में ट्रेफिक जागरुकता बढ़ सकेगी.