जैसलमेर: शहीद राजेंद्र सिंह को राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

जम्मू कश्मीर में आतंकियों और सेना की मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए नायक राजेंद्र सिंह (Rajendra Singh) सेना के 22 राष्ट्रीय राइफल में तैनात थे.

जैसलमेर: शहीद राजेंद्र सिंह को राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई
मुठभेड़ के दौरान जैसलमेर निवासी नायक राजेंद्र सिंह शहीद हो गए थे.

जैसलमेर: जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में शनिवार को आतंकियों और सेना के बीच मुठभेड़ में शहीद हुए वीर राजेंद्र सिंह को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई. वहीं अपने लाल के शव को तिरंगे में लिपटा देखकर परिवार के लोग उपने भावनाओं पर काबू नहीं कर पा रहे थे. मरुघरा के इस लाल के अंतिम विदाई में जनसैलाब उमड़ गया. सभी की आंखें शहीद राजेंद्र सिंह को लेकर नम थीं.  

बता दें कि जम्मू कश्मीर में आतंकियों और सेना की मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए नायक राजेंद्र सिंह (Rajendra Singh) जैसलमेर के मोहनगढ़ के निवासी थे और वह सेना के 22 राष्ट्रीय राइफल में तैनात थे. शनिवार सुबह सेना को एक जानकारी मिली थी कि जम्मू-कश्मीर के रामबन इलाके में एक परिवार को तीन आतंकियों ने बंधक बना लिया है. जिस पर सेना ने कार्रवाई करते हुए सभी बंधकों को मुक्त करवाया और मुठभेड़ में तीनों आतंकी मार गिराए गए. मुठभेड़ के दौरान जैसलमेर निवासी नायक राजेंद्र सिंह शहीद हो गए.

गौरलतब है कि शहीद राजेंद्र सिंहके पिता भी सेना में थे और कुछ वर्ष पूर्व भी उनके माता-पिता दोनों का देहांत हो चुका है. उनके परिवार में उनकी पत्नी ,1 साल का लड़का और दो छोटे भाई हैं. उनके दोनों भाई मोहनगढ़ में प्राइवेट नौकरी करते हैं. 

खबर के मुताबिक जम्मू-कश्मीर में शनिवार को दो अलग-अलग मुठभेड़ों में चार आतंकी मार गिराए गए थे. पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद यह पहली बड़ी कार्रवाई थी. जम्मू संभाग के रामबन जिले के बटोत में 10 घंटे चली मुठभेड़ में किश्तवाड़ में आतंक के पर्याय बने हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी ओसामा समेत तीन दहशतगर्द ढेर किए गए.

सुरक्षाबलों के 'ऑपरेशन त्रिशक्ति' के दौरान यह घटना हुई. इसके साथ ही मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में एक आतंकी का सुरक्षा बलों ने काम तमाम किया. माना जा रहा है कि यह पाकिस्तानी आतंकी था. मारे गए चारों आतंकियों से हथियार और गोला बारूद बरामद किया गया है.