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जैसलमेर: मंदी की मार झेल रहा पर्यटन व्यवसाय, 2 महीने में पहुंचे 37 हजार पर्यटक

सीजन के पहले पड़ाव में मंदी की मार झेल चुका पर्यटन व्यवसाय सीजन के दूसरे पड़ाव से सैलानियों की आवक बढ़ने की उम्मीद कर रहा है.

जैसलमेर: मंदी की मार झेल रहा पर्यटन व्यवसाय, 2 महीने में पहुंचे 37 हजार पर्यटक
इस बार इन दो महीनों में 8500 विदेशी पर्यटक भी नहीं आए.

मनीष रामदेव, जैसलमेर: जैसलमेर में जुलाई-अगस्त महीने में हर साल 80 हजार से 1 लाख सैलानी आते हैं. वहीं इस बार यह आंकड़ा 37 हजार तक सीमित रहा. सीजन के पहले पड़ाव में मंदी की मार झेल चुका पर्यटन व्यवसाय सीजन के दूसरे पड़ाव से सैलानियों की आवक बढ़ने की उम्मीद कर रहा है.

कभी जैसलमेर विदेशी पर्यटकों से ही गुलजार रहता था. लेकिन पिछले कुछ सालों में यहां विदेशी सैलानियों की आवक में भी कमी आई है. विदेशी सैलानियों का पीक सीजन जुलाई और अगस्त का महीना होता था. इस दौरान फ्रांस और स्पेन के हजारों पर्यटक आते थे. लेकिन इस बार इन दो महीनों में 8500 विदेशी पर्यटक भी नहीं आए.

विदेशी सैलानियों की आवक में कमी के पीछे उनका जैसलमेर से मोहभंग होना बताया जा रहा है. जैसलमेर की छवि जो पहले थी अब नहीं रही है. यहां की स्थानीय समस्याएं पर्यटन को बिगाड़ने में भारी पड़ रही हैं.

पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि सरकार स्वर्णनगरी के पर्यटन के लिए विशेष पैकेज नहीं दे रही. इसके अलावा नगर परिषद 5 किमी दायरे में फैले शहर को साफ सुथरा करने में सफल नहीं रही. वहीं, सैलानियों के साथ ठगी और दुर्व्यवहार के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. इससे परेशान होकर विदेशी पर्यटक अब यहां आने से कतराने लगे हैं.

पिछले साल हवाई कनेक्टिविटी का फायदा यह हुआ कि जैसलमेर में देसी पर्यटकों की रिकार्ड आवक हुई. लेकिन विदेशी सैलानियों की आवक पर हवाई कनेक्टिविटी का कोई खास असर नहीं हुआ. पिछले साल जुलाई और अगस्त महीने में बहुत कम सैलानी आए. हालांकि इन दोनों महीनों में दिल्ली और मुंबई की फ्लाइट शुरू नहीं थी. हवाई सेवा शुरू होने से पहले ऐसा लग रहा था कि जैसलमेर के पर्यटन को काफी फायदा होगा. लेकिन अभी तक ऐसा नजर नहीं आ रहा है.

(Written By: मुज़म्मिल अय्यूब)