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जालौर: भारी बारिश ने पकी हुई फसलों को किया बर्बाद, किसान कर रहे मुआवजे की मांग

क्षेत्र के चितलवाना, रामपुरा, रणोदर, केरिया, हालीवाव, मेघावा, कुंडकी, सेसावा, सिवाड़ा, डूंगरी हाड़ेचा, बावरला, डडूसन, वीरावा, मनोहर सहित कई गांवो में किसानों की फसलें चौपट हो गई हैं

जालौर: भारी बारिश ने पकी हुई फसलों को किया बर्बाद, किसान कर रहे मुआवजे की मांग
प्रतीकात्मक तस्वीर

बबलू मीणा/ जालौर: जिले के चितलवाना उपखण्ड क्षेत्र के खेतों में तबाही और बर्बादी का मंजर साफ नजर आ रहा है. जिन खेतों में इस समय फसलें लहलहाती थी उनमें तेज बारिश और हवा से बाजरे की फसल जमीन पर गिरकर जमीदोंज हो गई है. कहीं खेतों में पानी भरा हुआ है. गत कुछ दिनों से हो रही लगातार बरसात के कारण बाजरा, मूंग, मोठ की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं. मंदी के इस दौर में किसानों को इस फसल से काफी उम्मीद थी लेकिन लगातार बरसात ने किसानों की उम्मीदों पर पूरी तरह से पानी फेर दिया.

जिले के चितलवाना में भारी बारिश के कारण सैंकड़ों बीघा जमीन पर लगी फसलें तबाह हो चुकी हैं. अगर क्षेत्र में खेतों में देखा जाए तो बाजरे की फसल खेतों में तेज हवा से नीचे गिर गई है और बारिश और मौसम साफ नहीं होने के कारण फसलें सड़ रही हैं क्योंकि पकी हुई फसलों को किसान काटना चाहते हैं लेकिन मौसम साफ नहीं होने पर काट भी नहीं पा रहे हैं. जिसके बाद किसानों को अब सरकार से मुआवजें की आस है.

क्षेत्र के चितलवाना, रामपुरा, रणोदर, केरिया, हालीवाव, मेघावा, कुंडकी, सेसावा, सिवाड़ा, डूंगरी हाड़ेचा, बावरला, डडूसन, वीरावा, मनोहर सहित कई गांवो में किसानों की फसलें चौपट हो गई हैं लेकिन प्रशासन ने फिलहाल किसी प्रकार का सर्वे नहीं करवाया है न ही प्रशासनिक अधिकारियों ने कोई जायजा लिया है. किसानों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द खेतों से जायजा लेकर गिरदावरी करें और नुकसान का आंकलन कर सरकार को अवगत कराए ताकि सरकार भी मुआवजे का ऐलान करें.

किसान संघ ने सरकार से मांग की है कि क्षेत्र में हुई बरिश से फसल खराबे की पटवारियों से जल्द गिरदावरी करवाकर उचित मुआवजे की घोषणा करें. अगर सरकार ने किसानों के हित मे कदम नही उठाया तो किसान आंदोलन करेंगे.