अयोध्या मामला: पुनर्विचार याचिका पर जमीयत उलेमा ए हिंद में दो फाड़, महमूद मदनी ने कही ये बात

इससे पहले मौलाना अरशद मदनी ग्रुप की तरफ से ऐलान किया गया था कि वो रिव्यू पीटिशन दायर करने का समर्थन करते हैं. 

अयोध्या मामला: पुनर्विचार याचिका पर जमीयत उलेमा ए हिंद में दो फाड़, महमूद मदनी ने कही ये बात
जमीयत उलेमा ए हिंद की बैठक.

नई दिल्ली: अयोध्या मामले (Ayodhya Case) में आए फैसले के बाद से पुनर्विचार याचिका दाखिल करने को लेकर मुस्लिम संगठनों की राय बंटी हुई नजर आ रही है. अब दो ग्रुप में बंटे मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा ए हिंद (Jamiat Ulema e Hind) की तरफ से कहा गया है, कि इस निर्णय पर रिव्यू पिटिशन दायर करना लाभदायक नहीं है. हालांकि विभिन्न संस्थाओं ने अपने संवैधानीक अधिकार का उपयोग करते हुए रिव्यू पीटिशन दायर करने की राय कायम कर ली है, इसलिए जमीयत उलमा ए हिन्द इसका विरोध नहीं करेगी. 

अयोध्या मामले पर फैसले के बाद से जमीयत उलेमा ए हिंद दो ग्रुप में बंट गई है. इससे पहले मौलाना अरशद मदनी ग्रुप की तरफ से ऐलान किया गया था कि वो रिव्यू पीटिशन दायर करने का समर्थन करते हैं. वहीं अब मौलाना महमूद मदनी के ग्रुप वाली जमीयत उलमा ए हिन्द की कार्यकारिणी की बैठक हुई जिसमें कहा गया कि इसका कोई फायदा नहीं. 

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गुरुवार (21 नवंबर) को जमीयत उलेमा ए हिंद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में देशभर से आए उलमा और प्रमुख व्यक्तियों और वकीलों ने विचार विमर्श और चर्चा करके एक प्रस्ताव पारित किया. सम्मेलन में इसके अलावा मौजूदा हालात और वक्फ सम्पत्ति की सुरक्षा और भारतीय पुरातत्‍व सर्वेक्षण की ओर से मस्जिदों में नमाज़ की इजाज़त देने पर भी विचार-विमर्श किया गया.