जम्मू-कश्मीर के किसान होंगे मालामाल, मोदी सरकार ने बनाया नया प्लान

जम्मू कश्मीर के किसानों की भी आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार काम कर रही है. वहां आड़ू और अखरोट किसानों को सरकार मदद देने के लिए तैयार है.

जम्मू-कश्मीर के किसान होंगे मालामाल, मोदी सरकार ने बनाया नया प्लान
(प्रतीकात्मक तस्वीर)

नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर में किसानों के लिए सेब की खरीदारी के बाद अब केंद्र सरकार ने अब आड़ू (Peach) और अखरोट (Walnut) की खेती करने वाले किसानों की सहायता करने की योजना बनाई है.

World Rural Finance Congress के कार्यक्रम में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि जम्मू कश्मीर के किसानों की भी आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार काम कर रही है. वहां आड़ू और अखरोट किसानों को सरकार मदद देने के लिए तैयार है. इसके लिए जल्द ही नाबार्ड की अगुवाई में एक टीम भी भेजी जाएगी.

नाबार्ड चेयरमैन हर्ष भानवाला के मुताबिक "हमें खुशी है कि हमें ये जिम्मेदारी मिली है, हमारी टीम वहां जाकर किसानों के क्लब बनाने में सहायता करेगी, उन्हें बाकी राज्यों की तरह ही कम दर 4% पर लोन मिले ये सुनिश्चित करेगी. साथ ही FPO (Farmer Producer Organisation ) बनाने पर जोर देगी इससे किसानों की फसल के लिए अच्छा बाजार भी मिलेगा उनकी आमदनी भी बढ़ेगी. इसके लिए रीजनल रुरल बैंकों की सहायता भी ली जाएगी."

किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार जो कार्ययोजना पूरे देश में चला रही है वो जम्मू कश्मीर और लद्दाख में भी लागू किये जा रहे हैं. लद्दाख के किसानों के लिए सरकार सौर ऊर्जा (Solar Energy) पर जोर दे रही है इसके तहत न्यू एंड रीन्यूएबल एनर्जी मंत्रालय के साथ मिलकर कार्य योजना बनाई है.

वहीं जम्मू कश्मीर और लद्दाख के सेल्फ हेल्प ग्रुप (SHG) की महिलाओं की सहायता की भी योजना है. नाबार्ड के SHG प्रोजेक्ट हेड राजश्री के बरुआ कहती हैं कि ई-शक्ति प्रोजेक्ट के नाम से देश में हमने 250 ज़िलों में SHGs के डिजिटलाइजेशन का लक्ष्य रखा है अब तक 4.42 लाख से ज्यादा डिजिटलाइज़ हो चुके हैं, इसका फायदा नये हरेक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश को मिलेगा. जम्मू-कश्मीर के 5 जिलों को मिलेगा. SHGs के डिजिटल होने से सारे सदस्यों का काम मोबाइल के ज़रिए आसानी से हो जाता है, उनके लोन अकाउंट संबंधित काम भी मोबाइल से ही हो जाते हैं.