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झालावाड़: बदलेंगे कालीसिंध थर्मल पावर प्रोजेक्ट के दिन, प्रस्ताव को मिली मंजूरी

सीएम गहलोत ने प्रोजेक्ट के कार्य को पूरा करने के लिए 200 करोड़ रुपए अतिरिक्त राशि के प्रस्ताव को मंजूरी दी है.

झालावाड़: बदलेंगे कालीसिंध थर्मल पावर प्रोजेक्ट के दिन, प्रस्ताव को मिली मंजूरी
राजस्थान में बिजली उत्पादन में लगातार सुधार हो रहा है.

झालावाड़: जिले में कालीसिंध थर्मल पावर प्रोजेक्ट के दिन अब फिरने वाले हैं. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इस परियोजना को लेकर बेहद गंभीर हैं . सीएम गहलोत ने प्रोजेक्ट के कार्य को पूरा करने के लिए ना केवल 200 करोड़ रुपए अतिरिक्त राशि के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, बल्कि प्रोजेक्ट में देरी करने वाले अधिकारियों और फर्म के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए भी निर्देश दिए हैं..

राजस्थान में लोगों को निर्बाध रूप से बिजली मुहैया कराने को लेकर प्रदेश की गहलोत सरकार लगातार काम कर रही है. इसी का नतीजा है, कि राजस्थान में बिजली उत्पादन में लगातार सुधार हो रहा है. झालावाड़ में कालीसिंध थर्मल पावर प्रोजेक्ट को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लगातार गंभीर दिखाई दे रहे हैं.

सीएमओ के मुताबिक झालावाड़ में कालीसिंध थर्मल पावर प्रोजेक्ट में यूनिट 1 और 2 की लागत राशि 9,479.51 करोड़ से बढ़ाकर 9,680.03 करोड़ रुपये कर दी गयी है. परियोजना की यूनिट-2 का कार्य जुलाई 2014 से ही प्रारंभ होना था. लेकिन प्रारंभ नहीं होने से इसकी लागत लगभग 200 करोड़ रूपये बढ़ गई है.

वहीं निर्धारित समय पर काम शुरू नहीं करने के लिए उत्तरदायी संबंधित कार्मिकों की जवाबदेही सुनिश्चित की जायेगी. संबंधित फर्म से विलंब से हुए नुकसान के लिए हर्जाना वसूल किया जायेगा. जिसे परियोजना की लागत राशि में समायोजित कर दिया जायेगा. दरअसल प्रस्ताव में कालीसिंध विद्युत परियोजना की बढ़ी हुई लागत में राज्य सरकार की 20 फीसदी हिस्सा राशि के रूप में लगभग 40 करोड़ रूपये की अतिरिक्त पूंजी का प्रावधान भी शामिल है. इसके लिए वित्त वर्ष 2019-20 के बजट सीमा में ही यह राशि खर्च होगी.

सीएम गहलोत के इस फैसले से उम्मीद की जा रही है कि कालीसिंध प्रोजेक्ट की यूनिट 1 और 2 का काम ना केवल समय पर पूरा होगा बल्कि दोषी अधिकारियों और फर्म के खिलाफ कार्रवाई से राजस्थान में एक नजीर भी पेश हो सकेगी ताकि आने वाले समय में सरकारी प्रोजेक्ट के कार्य को समय पर पूरा किया जा सके.