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निकाय चुनाव के टिकट वितरण में दिखा परिवारवाद, सांसद की बेटी भी मैदान में

भले ही बीजेपी सांसद नरेंद्र कुमार के बेटे को मंडावा विधानसभा सीट पर उपचुनाव में टिकट नहीं मिला हो. लेकिन उनकी बेटी निकाय चुनाव में मैदान में हैं.

निकाय चुनाव के टिकट वितरण में दिखा परिवारवाद, सांसद की बेटी भी मैदान में
बेटी की चर्चा इसलिए है क्योंकि इस बार सभापति का पद महिला के लिए आरक्षित है.

संदीप केडिया, झुंझुनूं: झुंझुनूं सांसद(Jhunjhunu MP) नरेंद्र कुमार(Narendra Kumar) के बेटे अतुल खीचड़(Atul Khichad) को मंडावा विधानसभा उप चुनाव(Mandawa Assembly by Elections 2019) में महज इसलिए टिकट नहीं दिया गया. क्योंकि बीजेपी परिवारवाद को बढ़ावा नहीं देना चाहती थी. लेकिन अब उसी सांसद नरेंद्र कुमार की बेटी को निकाय चुनाव के लिए बीजेपी ने टिकट दिया है. बेटी की चर्चा इसलिए है कि इस बार सभापति का पद महिला के लिए आरक्षित है. 

नरेंद्रकुमार की बेटी नीलम राकेश जाखड़ को जिस वार्ड से टिकट दिया गया है. उस वार्ड में इससे पहले नीलम के देवर लीलाधर जाखड़ पार्षद थे. लेकिन इस बार सभापति का पद महिला के लिए आरक्षित है. इसलिए राजनैतिक हलकों में चर्चा है कि नीलम को चुनाव मैदान में उतारा गया है. वैसे भी जिस वार्ड नंबर 15 से नीलम राकेश जाखड़ को टिकट दी गई है. वो वार्ड समान्य है. जहां से कोई भी चुनाव लड़ सकता है. यहां से दुबारा लीलाधर जाखड़ भी चुनाव लड़ सकते थे.

लेकिन नजर सभापति के पद पर होने के चलते नीलम राकेश जाखड़ को चुनाव में उतारा गया है. इस संदर्भ में सांसद नरेंद्र कुमार पूर्व में भी अपना बयान दे चुके है. वे कह चुके है कि शादी के बाद बेटी का परिवार, पीहर नहीं. बल्कि ससुराल होता है. इसलिए वे इस बात को कतई नहीं मानते कि नीलम राकेश जाखड़ परिवारवाद के चलते टिकट पाने में कामयाब हुई है. क्योंकि उनके देवर लीलाधर पहले से उसी वार्ड से पार्षद है. 

बहरहाल, अन्य टिकटों की बात करें तो बीजेपी जिला कोषाध्यक्ष कमल अग्रवाल की पत्नी अनिता, बीजेपी जिला प्रवक्ता कमलकांत शर्मा के भाई की पत्नी शिखा शर्मा तथा प्रमोद खंडेलिया की पत्नी सविता खंडेलिया के नाम प्रमुख है.

झुंझुनूं में इन 20 नामों की गई घोषणा
झुंझुनूं नगर परिषद(Jhunjhunu Town Council) के लिए बीजेपी(BJP) ने घोषित किए 20 प्रत्याशी, वार्ड नंबर 1 से लालचंद नायक, 2 से शौकत अली, 5 से सुमित्रा तेतरवाल, 7 से कल्पना सिहाग, 8 से सुमन पूनियां, 10 से सुमन जानूं, 12 से प्रमोद बुडानिया, 15 से नीलम राकेश जाखड़, 22 से रामनिवास, 23 से सरोज, 24 से अनिता अग्रवाल, 29 से सविता खंडेलिया, 30 से घनश्याम गुप्ता, 39 से शिखा शर्मा, 41 से सादिक अली, 48 से सुधा पंवार, 49 से चंद्रभान खाजपुरिया, 51 से बुधराम सैनी, 52 से सत्यनारायण सैनी तथा वार्ड नंबर 53 से दिया विजय सैनी को टिकट.

बिसाऊ में 25 में से 21 उम्मीदवार उतारे
इसी तरह बीजेपी ने बिसाऊ के 25 वार्डों में से 21 प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है. निवर्तमान चेयरमैन हारून खत्री को वार्ड नंबर आठ से तो पूर्व चेयरमैन रामावतार चेजारा को वार्ड नंबर 14 से टिकट दिया गया है. अन्य वार्डों की बात करें तो वार्ड नंबर एक मो. अयूब, दो से हासिम, तीन से शाहिद, चार से साहिन, पांच से जुलेखा बानो, छह से मो. अदनान, सात से चरणसिंह, नौ से रामगोपाल सैनी, 11 से पार्वती स्वामी, 13 से सरिता बागड़ी, 16 से नंकेसर, 17 से सुमनदेवी, 18 से सुनिता, 19 से मंजूदेवी, 20 से कांतादेवी दाधीच, 22 से पवनकुमार, 23 से विलासकुमार, 24 से ममता प्रजापत तथा 25 से महावीरप्रसाद को टिकट दिया गया है. इसके अलावा वार्ड नंबर 10, 12, 15 व 21 से किसी को टिकट नहीं दिया गया है. 

पिलानी में बीजेपी की फजीहत, 35 में से केवल छह प्रत्याशी उतारे
पिलानी में सबसे ज्यादा फजीहत बीजेपी की होने वाली है. अभी तक पिलानी के 35 वार्डों में महज छह पर ही बीजेपी ने टिकट दी है. सूत्रों की मानें तो एक-दो वार्डों को छोड़ दें तो अन्य जगह बीजेपी की टिकट लेने वाला कोई नहीं है. ऐसे में पिलानी के बीजेपी नेताओं पर अब सवाल खड़े होने लगे है. 

दरअसल, यहां पर बीजेपी ने विधानसभा प्रत्याशी रहे चिड़ावा प्रधान कैलाश मेघवाल को फ्री हैंड किया था. लेकिन विधानसभा चुनावों में करारी शिकस्त के बाद भी कैलाश मेघवाल अपने विरोध को पाटने में कामयाब नहीं हो पाए और नगरपालिका में छह से ज्यादा टिकट नहीं बांट पाए. 

पिलानी में अभी तक वार्ड नंबर दो सुमन कंवर, सात से घनश्याम मेघवाल, नौ से विक्रम रोहिला, 19 से राजकुमार, 31 से धर्मेंद्र नेहरा तथा 35 से सावित्री सैनी को टिकट दिया गया है.