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झुंझुनूं: अब ऑनलाइन बिकेगा ढाणियों में बना सामान, हजारों महिलाओं को होगा फायदा

महिला अधिकारिता विभाग के उप निदेशक विप्लव न्यौला ने बताया कि जिले की महिला स्वयं सहायता समूह का फैडरेशन पूर्व में ही जिले में बनाया जा चुका था. जिसके बाद से महिला स्वयं सहायता के कार्यों में तेजी आई है.

झुंझुनूं: अब ऑनलाइन बिकेगा ढाणियों में बना सामान, हजारों महिलाओं को होगा फायदा
जिले में करीब 4800 स्वयं सहायता समूह संचालित हैं.

संदीप केडिया/झुंझुनूं: गांव-ढाणियों में संचालित हो रहे महिला स्वयं सहायता समूह का सामान अब तक केवल स्थानीय स्तर पर या फिर प्रदर्शनी और मेलों के जरिए बेचा जाता था. लेकिन झुंझुनूं में प्रदेश का पहला ऑनलाइन मार्केट तैयार हो रहा है. यह केवल उन महिलाओं के लिए होगा जो अपना स्वयं सहायता समूह बनाकर ऐसे प्रोडक्ट बना रही है, जो देश और विदेशों में बेचे जा सकते है, इस प्लेटफॉर्म के बनने के बाद जिले की करीब 26 हजार महिलाओं को और आगे बढऩे का मौका मिलेगा.

खबर के मुताबिक, झुंझुनूं एसपी गौरव यादव की पत्नी आर्या यादव, जो मैनेजमेंट एक्सपर्ट के साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ता भी है, इन्होंने तय किया है कि झुंझुनूं में संचालित महिला स्वयं सहायता समूह के बने उत्पादों को नेशनल और इंटरनेशनल बाजार में उतारा जाए. महिला अधिकारिता विभाग के सहयोग से उन्होंने इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया है. आर्या ने बताया कि महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा काफी बेहतरीन और अच्छे प्रोडक्ट बनाए जा रहे है. ये प्रोडक्ट स्थानीय स्तर, प्रदर्शनी और मेलों से आगे नहीं बढ़ रहे है. इसके लिए एक मार्केटिंग प्लान तैयार किया है. जिसमें इन समूहों को ऑनलाइन बेचा जाएगा. इसके लिए वे खुद व्यक्तिगत रूप से जाकर सभी महिलाओं से मिल रही है और उनके प्रोडक्ट भी देख रही है. 

मैनेजमेंट एक्सपर्ट और सामाजिक कार्यकर्ता आर्या यादव ने बताया कि जब पहली बार वो इन महिलाओं से मिली थी तो उनके बनाए सामान देखकर उन्हें खुशी हुई कि घर की कामकाजी महिलाएं, बिना कोई ट्रेनिंग और हुनर के इतने शानदार उत्पाद बना रही है.लेकिन जब उनके बेचने को लेकर सवाल पूछा तो उनके पास कोई जवाब नहीं था. इसलिए उन्होंने इस दिशा में काम करने का सोचा और वो वॉलिंटरी इस काम में महिलाओं की मदद कर रही है. जिसमें कोस्टिंग कंट्रोल से लेकर मार्केटिंग तक शामिल है. 

मैनेजमेंट एक्सपर्ट आर्या यादव ने बताया कि वे एक वेबसाइट के साथ-साथ पोर्टल भी डेवलप कर रहे है. ताकि लोग उसे एक्सपोलर करें और वेबसाइट ट्रेफिक में आए. इसके बाद इन स्वयं सहायता समूह में बने प्रोडक्ट को ना केवल राजस्थान, बल्कि देश और विदेश में कोई भी देख सकेगा और खरीद भी सकेगा. उन्होंने बताया कि इसके लिए सभी स्वयं सहायता समूहों को एक प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए वे खुद उनसे मिल रही है. ताकि सभी प्रोडक्ट और उनके मार्केटिंग के लिए विशेष प्लानिंग की जा सके.

महिला अधिकारिता विभाग के उप निदेशक विप्लव न्यौला ने बताया कि जिले की महिला स्वयं सहायता समूह का फैडरेशन पूर्व में ही जिले में बनाया जा चुका था. जिसके बाद से महिला स्वयं सहायता के कार्यों में तेजी आई है. इन समूहों द्वारा पहनने के कपड़े से लेकर घर सजाने के उत्पाद और खाद्य सामग्री जैसे सामान बनाए जा रहे है. जो स्थानीय स्तर पर खूब बिक रहे है. वहीं, प्रदर्शनियों और हस्तशिल्प मेलों में भी इनकी डिमांड रहती है. इस काम को और आगे ले जाने के लिए एसपी गौरव यादव की पत्नी आर्या ने जिम्मा लिया है. विभाग पूरा साथ दे रहा है.

यही नहीं झुंझुनूं में इन समूह का अलग से सुपर मार्केट बनाने की योजना भी तैयार कर ली गई है. ताकि स्थायी तौर पर इन समूहों के उत्पादों को एक स्थान से बेचा जा सके. आपको बता दें कि ग्रामीण और जरूरतमंद महिलाओं को स्वावलंबी और सशक्त बनाने के लिए पूरे प्रदेश में महिला स्वयं सहायता समूह संचालित है. झुंझुनूं की महिलाएं एक बार फिर अपने हाथ से बनाए उत्पाद की ई मार्केटिंग करके देश और विदेश में लोहा मनवाना चाहती है.आपको बता दें कि जिले में करीब 4800 स्वयं सहायता समूह संचालित है. जिसमें से करीब 2300 स्वयं सहायता समूह विभिन्न उत्पाद बनाते है. इस लिहाज से यदि यह योजना क्रियान्वित की जाती है तो 26 हजार महिलाओं को इसका फायदा मिलेगा.