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झुंझुनू: उपचुनाव में बीजेपी से सुशीला सीगड़ा तो कांग्रेस से रीटा चौधरी लड़ेंगी चुनाव

नामांकन दाखिल करने के बाद एक बार फिर झुंझुनूं प्रधान सुशीला सीगड़ा ने खुद को भाजपा का पुराना साथी बताया है. 

झुंझुनू: उपचुनाव में बीजेपी से सुशीला सीगड़ा तो कांग्रेस से रीटा चौधरी लड़ेंगी चुनाव
नामांकन दाखिल करने के बाद सुशीला सीगड़ा ने खुद को भाजपा का पुराना साथी बताया.

संदीप केडिया, झुंझुनूं: राजस्थान के झुंझुनू के मंडावा विधानसभा उप चुनाव के लिए सोमवार को भाजपा की तरफ से झुंझुनूं प्रधान सुशीला सीगड़ा ने अपना नामांकन दाखिल किया है. वहीं कांग्रेस की ओर से रीटा चौधरी ने नामांकन दाखिल किया है. इस मौके पर रीटा चौधरी ने कहा कि भाजपा उनसे सरकार की उपलब्धियां पूछ रही है तो पहले वो बीते पांच सालों का जवाब दें. साथ ही तबादलों का बहाना बनाकर कर्मचारियों को भड़काने का प्रयास ना करें. उन्होंने कहा कि अब तो उन्हें भाजपा के आरोपों पर हंसी तक आने लगी है.

वहीं नामांकन दाखिल करने के बाद भाजपा प्रत्याशी के पैराशूट उम्मीदवारी पर जवाब देते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. पूनियां ने यह कहते हुए जरा सा भी गुरेज नहीं किया कि भाजपा अब कैडर की नहीं बल्कि मासेज की पार्टी हो गई है. झुंझुनूं प्रधान सुशीला सीगड़ा भाजपा के विचारों से सहमत हुई है और वो भाजपा में शामिल हुई. जिन्हें हमने सम्मान दिया है और मजबूत उम्मीदवार के साथ-साथ जीत के समीकरणों के लिहाज से उन्हें टिकट दी गई है. 

नामांकन दाखिल करने के बाद एक बार फिर झुंझुनूं प्रधान सुशीला सीगड़ा ने खुद को भाजपा का पुराना साथी बताया है. उन्होंने कहा कि उन्होंने ना केवल मंडावा में विधानसभा चुनाव जीताने में भाजपा की पहले मदद की है. बल्कि हाल ही में लोकसभा चुनावों में भी उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रभावित होकर काम किया है. यही कारण है कि वो भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए मंडावा में नई नहीं हैं. उन्होंने भाजपा के साथ और कार्यकर्ताओं के बराबर काम किया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को मंडावा में लगातार तीसरी बार मुंह की खानी पड़ेगी और भाजपा ही चुनाव जीतेगी.

नामांकन के दौरान बड़ी संख्या में भाजपा के नेता मौजूद रहे. सभी ने कांग्रेस के कुशासन का हवाला देते हुए बताया कि कांग्रेस ना केवल झूठ बोलकर सत्ता में आई है बल्कि अब सीएम अशोक गहलोत अपनी कुर्सी को बचाने और अपने बेटे को सियासी गलियारों में महत्वपूर्ण स्थान दिलाने की कोशिश में लगे हुए हैं. प्रदेश के विकास और कानून व्यवस्था की उन्हें कोई ना तो खैर खबर है और ना ही कोई चिंता है.