close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

कर्नाटक: कांग्रेस-JDS के 14 बागी विधायक अयोग्‍य घोषित, येदियुरप्‍पा सरकार का बहुमत परीक्षण कल

कर्नाटक में कुमारस्‍वामी सरकार गिरने के बाद बीजेपी की सरकार बनी है. मुख्‍यमंत्री बीएस येदियुरप्‍पा को सोमवार को विधानसभा में बहुमत साबित करना है. 

कर्नाटक: कांग्रेस-JDS के 14 बागी विधायक अयोग्‍य घोषित, येदियुरप्‍पा सरकार का बहुमत परीक्षण कल
14 बागी विधायक अयोग्‍य घोषित.

नई दिल्‍ली : कर्नाटक विधानसभा के स्‍पीकर केआर रमेश कुमार ने रविवार को बड़ा कदम उठाया है. स्‍पीकर ने रविवार को कांग्रेस और जेडीएस के सभी 14 बागी विधायकों को अयोग्‍य घोषित कर दिया है. कर्नाटक में कुमारस्‍वामी सरकार गिरने के बाद बीजेपी की सरकार बनी है. मुख्‍यमंत्री बीएस येदियुरप्‍पा को सोमवार को विधानसभा में बहुमत साबित करना है. 

अब कुल अयोग्‍य विधायकों की संख्‍या 17 हो गई है. इससे पहले स्‍पीकर ने 3 विधायकों को अयोग्‍य घोषित किया था. इन विधायकों के अयोग्‍य ठहराए जाने के बाद कर्नाटक विधानसभा में सदस्‍यों की संख्‍या 208 हो गई है. साथ ही बहुमत का आंकड़ा अब 105 हो गया है. बीजेपी के अनुसार उसके पास 106 विधायक हैं. स्‍पीकर रमेश कुमार ने यह भी घोषणा की कि अयोग्‍य घोषित किए गए सभी विधायक विधानसभा का 15वां कार्यकाल खत्‍म होने के बाद ही चुनाव लड़ सकेंगे. अयोग्‍य घोषित किए गए विधायकों में कांग्रेस के बागी विधायक श्रीमंत पाटिल, रोशन बेग, आनंद सिंह, एच विश्‍वनाथ, एसटी सोमशेखर प्रमुख नाम हैं.

देखें LIVE TV

कर्नाटक विधानसभा के स्‍पीकर केआर रमेश कुमार ने रविवार को कहा कि मुख्‍यमंत्री बीएस येदियुरप्‍पा ने मुझसे कहा है कि मैं कल सदन में होने वाले विश्‍वास मत के लिए तैयारी करूं. वित्‍त विधेयक भी 31 जुलाई को अमान्‍य हो जाएगा. मैं सभी विधायकों से अनुरोध करता हूं कि वे सत्र के दौरान मौजूद रहें. उन्‍होंने कहा कि कर्नाटक में उपजी स्थितियों से निपटने के लिए मैंने जो दबाव झेला उससे मैं तनाव के सागर में चला गया.

कर्नाटक में लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक गति‍रोध पर शुक्रवार शाम को विराम लगा था.  26 जुलाई को बीएस येद्द‍ियुरप्‍पा ने बेंगलुरु में राजभवन में पद और गोपनीयता की शपथ ली. वह चौथी बार कर्नाटक के मुख्‍यमंत्री बने. इससे पहले कुमारस्‍वामी की कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन वाली सरकार विश्‍वासमत के दौरान सदन में हार गई थी.