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कोटा: छापेमारी में बरामद हुई अवैध कैप्सूल के खोल की खेप, फिर भिड़े दो विभाग

चिकित्सा विभाग व औषधि नियंत्रक विभाग की संयुक्त टीम ने अवैध कैप्सूल के खोल की बड़ी खेप बरामद की है.

कोटा: छापेमारी में बरामद हुई अवैध कैप्सूल के खोल की खेप, फिर भिड़े दो विभाग
जब्त माल को रविवार को सीजेएम कोर्ट में पेश किया जाएगा.

मुकेश सोनी, कोटा: चिकित्सा विभाग व औषधि नियंत्रक विभाग की संयुक्त टीम ने शनिवार देर शाम कोटा शहर(Kota City) के सरोवर पार्किंग इलाके में छापेमारी की. इस दौरान अवैध कैप्सूल के खोल की बड़ी खेप बरामद हुई.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोटा शहर के शिवानी कटले के मकान की दूसरी मंजिल पर कैप्सूल के खोल के कार्टून जब्त किए है. इस दौरान टीम ने 30 लाख खोल बरामद की. यहां दो तरह के कैप्सूल के सैम्पल लिए है. इन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा जाएगा. सीएमएचओ डॉ. भूपेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया. 

इन अवैध कैप्सूल के खोल में शक्तिवर्धक, आयुर्वेद की दवा(Ayurvedic Medicine) को भरकर बेचा जाता था. यह राजेश अरोड़ा नाम के व्यक्ति के घर से यह खेप मिली है, जो कन्फेक्शरी का काम करता है. इनका लाइसेंस भी नहीं है. कैप्सूलों में लेबल लगाकर दवा भरकर मरीजों को बेचने का अंदेशा है. राजेश ने पूछताछ में बताया कि यह माल उसका नहीं है. किसी मिलने वाले का है, लेकिन वह यहां रख गया.

उधर, औषधी नियंत्रक विभाग के सहायक औषधि अधिकारी भरतपुर, देवेन्द्र गर्ग ने बताया कि राजेश के पास कैप्सूल खरीद के बिल नहीं मिले और कहां से माल खरीदा है, यह भी नहीं बता रहा. फिलहाल राजेन्द्र को पकड़ा नहीं जा रहा. जब्त माल को रविवार को सीजेएम कोर्ट में पेश किया जाएगा. कार्रवाई के दौरान टीम में औषधि नियंत्रक अधिकारी प्रहलाद मीणा, रोहिताश्व, निशांत बघेरवाल, संदीप कैले शामिल थे.

श्रेय लेने की होड़ में दो विभाग आमने-सामने
शहर में पहली बार कैप्सूल खोल की बड़ी मात्रा में खेप पकड़ी जाने के बाद चिकित्सा विभाग व औषधि नियंत्रक विभाग में श्रेय लेने की होड़ में आपस में ठन गई.सीएमएचओ ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर इस छापामार कार्रवाई को अंजाम दिया है. जबकि सहायक औषधि अधिकारी, भरतपुर देवेंद्र गर्ग() ने बताया कि यह कार्रवाई राजस्थान औषधी नियंत्रक राजाराम शर्मा के निर्देशन में हुई है. कोटा के एडीसी छुट्टी पर होने के कारण उन्होंने मुझे इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए भेजा है. सीएमएचओ की इस कार्रवाई में कोई लेना देना नहीं है. यह दवा का मामला है. वह यहां क्यों आए, पता नहीं है. इस कार्रवाई को मैं ही लीड कर रहा हूं.