कोटा: विधायक ने कांग्रेस के मंत्री पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप, CM गहलोत को लिखा पत्र

पत्र में कहा गया है कि केंद्र सरकार राजमार्ग की मरम्मत करना चाहती है, लेकिन राज्य खनन विभाग बाधाएं खड़ी कर रहा है. 

कोटा: विधायक ने कांग्रेस के मंत्री पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप, CM गहलोत को लिखा पत्र

कोटा: जिले में सांगोद विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले सिंह ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर राज्य के खनन विभाग में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है. उन्होंने पत्र में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती को चिह्नित करने के लिए गहलोत से सरकार को "भ्रष्ट लोगों" से बचाने का अनुरोध किया है. 

उन्होंने सीएम के बजट भाषण का भी हवाला दिया. जिसमें गहलोत ने कहा था कि उनकी सरकार "भ्रष्टाचार की बहती गंगा" को खत्म करने के लिए काम करेगी. पत्र में कहा गया है कि केंद्र सरकार राजमार्ग की मरम्मत करना चाहती है, लेकिन राज्य खनन विभाग बाधाएं खड़ी कर रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि NH-27 पर रखरखाव के काम के लिए 208.54 करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर की गई है, लेकिन बारां में खनन विभाग के एक सहायक अभियंता जाहिर तौर पर मंत्री के निर्देश पर अड़चनें बढ़ा रहे हैं और ठेकेदार को अपेक्षित अनुमति पत्र जारी नहीं कर रहे हैं. 

"उस विभाग में क्या ईमानदारी है जहां उसका सिर पहले से ही भ्रष्ट है?", उसने मंत्री का नाम लिए बिना पत्र में कहा. विधायक ने पत्र में आगे कहा कि ठेकेदार ने खुद ही उन्हें अपनी आपबीती सुनाई है. विशेष रूप से, बारां जिले के अंता क्षेत्र से विधायक प्रमोद जैन भाया खनन मंत्री हैं.

मेरे इस्तीफे की बात पूरी तरह गलत
ऐसे में जब भ्रष्टाचार को उजागर करने की कोशिश की जा रही है तो एक अफवाह प्रदेश में फैलाई जा रही है कि मैं अपनी सरकार के खिलाफ खुलकर सामने आया हूं और इस्तीफा भी दे रहा हूं लेकिन यह बात बिल्कुल गलत है. गांधी जी ने अपना पूरा जीवन सत्य पर गुजार दिया लेकिन उनके विपरीत काम हो रहा है. जिस को उजागर करना मेरा दायित्व है. सरकार के मुखिया की नियत बिल्कुल साफ है लेकिन उनके नीचे बैठे कुछ लोग भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं. 

ऐसे में भरत सिंह ने मुख्यमंत्री को ऐसे बेईमानों से से सावधान रहने की बात की है. भरत सिंह ने कहा कि अगर भ्रष्टाचारियों के खिलाफ चुप रह जाता है तो इसका मतलब आप भी इसमें भागीदार हैं. अगर घर में कोई चूहा मर जाता है तो पूरे घर को बदबू से बचाने के लिए उस चूहे की पूंछ पकड़कर उसको बाहर फेंक दिया जाता है. ऐसे में मेरी बात भी मुख्यमंत्री तक पहुंचे की सरकार और प्रशासनमें बदबू आ रही है. इसलिए जो गंदगी फैला रहे हैं उनको बाहर का रास्ता दिखाया जाए. देश में आज कांग्रेस कठिन परिस्थितियों से गुजर रही है. ऐसे में मैं इस्तीफा देने के बारे में सोच भी नहीं सकता. मैं मेरे इस्तीफे की बात को सिरे से खंडन करता हूं. मेने कोई इस्तीफा नहीं दिया है.