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कोटा पुलिस ने दिखाई मानवता,प्रसूता को पंहुचाया अस्पताल

 पुलिस के जवानों ने स्टेशन पर प्रसव पीड़ा से तड़पती एक प्रसूता को ना केवल अस्पताल पहुंचाया बल्की घंटो तक उसकी पूरी देखरेख भी की.महिला ने बच्चे को जन्म दिया तो पुलिस स्टाफ ने मिठाई बांटी  

कोटा पुलिस ने दिखाई मानवता,प्रसूता को पंहुचाया अस्पताल
पुलिस का मानवतापूर्ण चेहरा एकबार फिर सामने आया

कोटा : जिले के मोड़क कस्बे में पुलिस का मानवीय चेहरा देखने को मिला. यहां पुलिस के जवानों ने स्टेशन पर प्रसव से तड़पती एक प्रसूता को ना केवल अस्पताल पहुंचाया बल्कि घण्टो तक उसकी पूरी देखरेख भी की। अस्पताल में भर्ती प्रसूता ने एक बच्चे को जन्म दिया. जिसके बाद पूरे पुलिस स्टाफ ने जमकर जश्न मनाया और पूरे पुलिस स्टाफ ने मिठाईयां बांटकर खुशी जताई।

आमतौर पर पुलिस को लेकर लोगो की शिकायतें खूब रहती है। लेकिन कई बार पुलिस का ऐसा मानवीय चेहरा भी नजर आता है जो दूसरे लोगो को भी नई प्रेरणा देता है. दरअसल मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के रहने वाले खेल सिंह अपनी गर्भवती पत्नी दीपिका को मथुरा रतलाम लोकल ट्रेन से अपने गांव ले जा रहे थे। दरा स्टेशन के पास दीपिका को प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो वो मोड़क स्टेशन उतर गया। वो पत्नी को जैसे तैसे स्टेशन से बाहर लाया। दर्द बढ़ने पर प्रसूता सड़क पर ही बैठ गयी। इसी दौरान महिला पुलिसकर्मी रीना गुर्जर ने दीपिका की हालत देखकर थानाधिकारी भारत सिंह को सूचना दी। थानाधिकारी जाप्ते के स्टेशन पहुंचे और प्रसूता को अस्पताल में भर्ती करवाया जहाँ महिला ने बच्चे को जन्म दिया। इस दौरान महिला पुलिसकर्मी रीना ओर पूरा स्टाफ अस्पताल में मौजूद रहे।

इतना ही नहीं बच्चे के जन्म के बाद पुलिसकर्मियों ने मिठाई भी बांटी। मौंके पर पहुंची सरपंच ममता मेवाड़ा ने भी प्रसूता को 11 हजार रुपये की मदद की। पुलिस के इस इंसानियत भरे कार्य को देखने के लिये एसडीएम तहसीलदार डीएसपी भी पहुचे। उन्होंने जवानों के इस मानवता पूर्ण कार्य की जमकर तारीफ की.वहीं पुलिस की मदद से पति पत्नी बेहद खुश नजर आए. समय पर पुलिस की मदद से अभीभूत पति पत्नी ने पुलिस का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया. पति पत्नी का कहना है की पुलिस के जवान समय पर मदद नहीं करते तो कोई भी अनहोनी हो सकती थी. दंपती ने पुलिस के इस सहरानीय पुर्ण कार्य से प्रभावित हो अपने बच्चे का नाम भी भारत रखने की बात कही है