कोटा: झूठे आरोप में युवक को 40 दिन तक गांव से बाहर रहने का सुनाया तुगलकी फरमान

समाज के लोगों का तुगलकी फरमान इस तरह रहा कि युवक चालीस दिन तक गांव में नहीं घुसेगा और ना ही कोई इसे गांव के अंदर लाए.गा साथ ही इससे कोई नहीं मिल सकेगा

कोटा: झूठे आरोप में युवक को 40 दिन तक गांव से बाहर रहने का सुनाया तुगलकी फरमान
युवक दिन भर नदी किनारे बैठा रहता है

राम मेहता, बारां: जिले के अंता कस्बे के रायपुरिया गांव में एक युवक को कीर समाज के लोगों ने 40 दिन तक गांव से बाहर रहने का तुगलकी फरमान सुनाया है. जिसके चलते युवक को डर के साये में खेतो में रातें गुजारनी पड़ रही हैं.

दरअसल, मामला कुछ इस तरह का है कि रायपुरिया निवासी चंद्रप्रकाश केवट कुछ दिनों पहले खेत पर दूर से ही गाय को आवाज देकर भगा रहा था. इस दौरान गाय अचानक खाई में गिर कर मर गई. इसके चलते कीर समाज के लोगों ने युवक पर झूठा आरोप लगाते हुए गांव से बाहर निकाल दिया है.

जहां एक ओर लोग दीपावली आने की खुशियों में झूम रहे हैं. वही दूसरी ओर इस युवक की दिवाली रात के अंधेरे में और अकेलेपन में बेरंग हो गई है. साथ ही समाज के डर से युवक ने मीडिया के सामने आने से मना कर दिया.

समाज के लोगों का तुगलकी फरमान इस तरह रहा कि युवक चालीस दिन तक गांव में नहीं घुसेगा और ना ही कोई इसे गांव के अंदर लाए. साथ ही इससे कोई नहीं मिल सकेगा. युवक दिन भर नदी किनारे बैठा रहता है और इधर उधर घूमकर रात के अंधेरों में खेतों पर निकलने को मजबूर हो गया है.

रायपुरिया निवासी चंद्रप्रकाश के परिवार में मां बाप के अलावा पत्नी और तीन छोटे छोटे बच्चे भी हैं जो अपने बाप का मुंह देखने को तरस रहे हैं. साथ ही पत्नी भी समाज के लोगों के तुगलकी फरमान के सामने झुकने को मजूबर हो गई है.

इस मामले से अभी तक प्रशासन भी अवगत नहीं है. क्या इस जमाने में भी इस तरह के रूढ़िवादी और अन्धविश्वासी परमानों से न्याय हो सकता है. देखना यह होगा कि क्या जब प्रशासन इस मामले से अवगत होगा तो इस युवक को न्याय मिल पाएगा. क्या युवक अपने घर वालों के साथ दीपावली मना पाएगा.