close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

राजस्थान में खुलेआम चल रही भू-माफियाओं की मनमानी, जमीनों पर कर रहे कब्जा

जयपुर विकास प्राधिकरण के जेडीए जोन 9 में स्थित महल योजना से लगती हुई योजना शांति विहार योजना पर इन दिनों भू-माफियाओं की निगाहे हैं. 

राजस्थान में खुलेआम चल रही भू-माफियाओं की मनमानी, जमीनों पर कर रहे कब्जा
भू-माफिया हर बेशकीमति जमीन पर कब्जा करने पर आमदा है.

रोशन शर्मा/राजस्थान: राजधानी में एक बार फिर से भू-माफिया सर्किय हो चुके हैं. बेशकिमती जमीनों को चिंहित कर उन पर कब्जा किया जा रहा हैं और साथ ही फर्जी कागजात बनाकर जमीनों को हथियाने में लगे हुए हैं. सालों पहले सरेण्ड हो चुकी जमीनों का फर्जी तरीके से म्यूटेशन खुलवा कर हथिया रहे हैं. जबकि उन जमीनों का सालों पहले सरकार अवार्ड तक जारी कर चुकी हैं. अब जाली कागत तैयार कर ऐसे खेल को अंजाम दिया जा रहा है.

जयपुर विकास प्राधिकरण के जेडीए जोन 9 में स्थित महल योजना से लगती हुई योजना शांति विहार योजना पर इन दिनों भू-माफियाओं की निगाहे हैं. 1989 में बसी श्री महावीर स्वामी ग्रह निर्माण सहकारी समिति की शांति विहार योजना को हथियाने के लिए भू-माफिया सक्रिय ही नहीं हैं बल्कि अवैध तरीके से रातों रात जमीन का नामांकरण तक खुलावा चुके हैं. 30 साल पहले सोसाइटी में सरेण्ड हो चुकी जमीन को माफियाओं नें अपने नाम नामांतकरण खुलवा लिया है. इतना ही नहीं मौके पर जमीन पर कब्जा करने पर आमदा है.

दरअसल, यह मामला 1989 से जुड़ा है. श्री महावीर ग्रह निर्माण सहकारी समिति ने 1989 में शांति विहार नाम से एक योजना शुरू की, लेकिन इलाके में रिको आने के बाद में इस जमीन को 1997 में एक्वीजेशन के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया. सन 2000 में रिको ने अवार्ड तक जारी कर दिया, लेकिन 2 साल बाद ही जमीन को रिको ने ये कहते हुए एक्विजेशन से बाहर कर दिया की रिको को यहां और इस जमीन की कोई आवश्कता नहीं हैं. 

जिसके बाद में जेडीए ने 2002 में योजना के कैम्प के लिए नोटिफिकेश जारी किया, लेकिन रीकों नें मंजूरी नहीं मिलने के कारण योजना का कैम्प नहीं लग सका. इसी बात का फायदा उठाते हुए कुछ भू-माफियाओं नें जमीन के कास्तगार से मिली भगत करके सन 2019 अप्रैल में नामांतरण खुलवा लिया.

बता दें कि, 30 साल पहले सहकारी समिति को सरेण्डर हो चुकी जमीन को माफिया सरकारी सिस्टम से मिलीभगत करके हथियाने का खेल, खेल रहे हैं. इस पुरे मामले में 420 को लेकर कॉलोनी के लोगों ने पुलिस से लेकर कोर्ट तक में गुहार लगा चुके हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन दोषी माफियाओं को पकड़ने के बचाए संरक्षण देने का काम कर रही हैं. जेडीए खुद मान चुका है कि जमीन का गलत तरीके से म्युटेशन खुलवाया गया है. जमीन के मुल माकिल मर चुके हैं, लेकिन उनके उत्तराधिकारी भू-माफियाओं से मिलीभगत करके जमीन हथियाने मे जुटे हुए हैं.