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कोटा: UIT ने किया बड़ा घोटाला, कौड़ियों के दाम बेंच दी करोड़ों की जमीन

ग्रुप हाउसिंग के लिए 65 हजार वर्ग फीट का भूखंड महज 1290 रुपये प्रति वर्ग फीट में दे दिया गया. इससे यूआईटी को मात्र 8 करोड़ रुपये की आमदनी हुई है जबकि इसमें महज 2 बिल्डर्स ने भाग लिया था.  

कोटा: UIT ने किया बड़ा घोटाला, कौड़ियों के दाम बेंच दी करोड़ों की जमीन
प्रतीकात्मक फोटो.

केके शर्मा, कोटा: यूआईटी (Urban Improvement Trust) में अभी तक पूर्व चेयरमैन के भूखंड मामले में किए बड़े भ्रष्टाचार और नन्ता स्थित आवासीय योजना में किए गए 23 करोड़ फर्जी भुगतान मामले की जांच अभी एसीबी में चल रही है. मामले में 3 लोग गिरफ्तार होकर जमानत पर चल रहे हैं.

वहीं फिर एक बार कानून और नियम-कायदों का तमाशा बनाकर कोटा यूआईटी (Urban Improvement Trust) के अफसरों ने बिल्डर से सांठगांठ कर कोटा नगर विकास न्यास की एक बेशकीमती जमीन को कौड़ियों के दाम में दे दिया है.

दरसअल, कोटा का कुन्हाड़ी वो इलाका है, जहां ऐलेन कोचिंग संस्थान और होस्टल्स की वजह से जमीन की कीमतें लगभग 4-5 हजार रुपये प्रति वर्ग फीट हैं. कुन्हाड़ी के इस इलाके में स्थित बड़ी जमीन पर जहां अब तक कोटा शहर में चलने वाली सिटी बसें खड़ी होती आईं थीं, उसको अब यूआईटी (Urban Improvement Trust) ने 30 अक्टूबर को ई-ऑक्शन कर आकांक्षा बिल्डर ग्रुप के मालिक घनश्याम गुप्ता को बेच दिया. ग्रुप हाउसिंग के लिए 65 हजार वर्ग फीट का भूखंड महज 1290 रुपये प्रति वर्ग फीट में दे दिया गया. इससे यूआईटी को मात्र 8 करोड़ रुपये की आमदनी हुई है जबकि इसमें महज 2 बिल्डर्स ने भाग लिया था.

कैसे किया गया ये खेल ?
कुन्हाड़ी इलाके के इस बड़े भूखंड पर लगभग इसी साइज़ के चार पार्ट किए गए हैं. इनमें से दो कॉमर्शियल और दो ग्रुप हाउसिंग के लिए रखे गए हैं. यूआईटी (Urban Improvement Trust) के अफसरों ने बिल्डर को लाभ पहुंचाने के लिए बेहद शातिराना अंदाज में पहले तो इस भूखंड की रिजर्व प्राइस को रखते समय मार्केट प्राइस को नजरअंदाज किया. जानबूझकर मार्केट प्राइस को आधार नहीं बनाया और महज 1080 रुपये प्रति वर्ग फीट की रिजर्व प्राइस षड्यंत्रपूर्वक तरीके से तय कर दी गई.

किया गया है करोड़ों का निवेश
बता दें कोटा यूआईटी (Urban Improvement Trust) द्वारा पूरे शहर में डीएलसी की दरों से लगभग 3 से 4 गुना तक रिजर्व प्राइस तय की हुई हैं, जिसका आधार मार्केट प्राइस को माना गया है लेकिन कुन्हाड़ी वो इलाका जहां ऐलेन कोचिंग संस्थान होने की वजह से सैकड़ों लोगों ने महंगी दामों में होस्टल्स बनाकर निवेश किया है, वहां यूआईटी ने बिल्डर से सांठगांठ कर 30-35 करोड़ के भूखंड को मात्र 8 करोड़ रुपये में बेच दिया. 

क्या कहना है यूआईटी सचिव का
यूआईटी (Urban Improvement Trust) के सचिव भवानी सिंह पालावत का कहना है कि ये प्लानिंग 2016 में की गई है. अभी की नही हैं. हां, ऑक्शन अभी किया गया है. एक बिल्डर को जमीन दी है. अभी कॉमर्शियल भूखंड बेचेंगे, तब अच्छी कीमत मिल जाएगी.

भ्रष्टाचार मुक्त शासन का दावा करने वाली अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) सरकार के स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल (Shanti Kumar Dhariwal) के शहर में कोटा यूआईटी के अफसर भ्रष्टाचार की गंगा में जमकर डुबकियां लगा रहे हैं. अब देखना होगा कि मंत्री अपने विभाग में इस भ्रष्टाचार की गंगा की सफाई कैसे करते हैं?