महाराष्ट्र: अपनी मांगों को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़े दो किसान, दी आत्महत्या की धमकी

किसानों ने कहा कि, जब तक जिलाधिकारी या मंत्री आकर उन्हें लिखित तौर पर नुकसान की भरपाई करने का आश्वासन नहीं दे देते तब तक वह टावर से नीचे नहीं उतरेंगे.

 महाराष्ट्र: अपनी मांगों को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़े दो किसान, दी आत्महत्या की धमकी

अकोला: महाराष्ट्र के अकोला जिले में उस समय अफरातफरी मच गई जब अपनी मांगों को लेकर दो किसान मोबाइल टावर पर चढ़ गए. दरअसल, फसलों में कीड़े (बॉल वर्म) लगने के कारण किसानों की पूरी फसल नष्ट हो गई थी जिसके चलते उन्हें लाखों रुपए का नुकसान हो गया. उधर, राज्य सरकार ने पिछले साल जिन किसानों की फसल बॉल वर्म के कारण नष्ट हो गई उन्हें प्रति हेक्टेयर पैंतिस हजार 500 रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की थी. किसानों का आरोप है कि आर्थिक सहायता देने का वादा कर सरकार भूल गई. अब तक उन्हें यह राशि नहीं मिली है. जिसके चलते ये किसान मोबाइल टावर पर चढ़कर आत्महत्या की धमकी देने लगे. 

सोमवार को अकोला के उरल गांव में रहने वाले गोपाल और गणेश नाम के दो युवा किसान पोहरा गांव में लगे मोबाइट टावर पर चढ़ गए. उन्होंने कहा कि, जब तक जिलाधिकारी या फिर मंत्री आकर उन्हें लिखित तौर पर नुकसान की भरपाई करने का आश्वासन नहीं दे देते तब तक वह टावर से नीचे नहीं उतरेंगे. मामले की जानकारी मिलते ही पुलीस और स्थानीय प्रशासन के लोग घटनास्थल पर पहुंच गए और समझा बुझाकर दोनों को नीचे लाने का प्रयास कर रहे हैं. 

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आरक्षण को लेकर चरवाहों ने किया आंदोलन
महाराष्ट्र में आरक्षण की मांग को लेकर मराठा समाज का आंदोलन अभी पूरी तरह से खत्म भी नहीं हुआ था कि अब चरवाहा समाज के लोग आरक्षण की मांग को लेकर सड़कों पर उतर गए हैं. चरवाहा समाज के लोग सोमवार को शिर्डी के पास नेवासा तहसील ऑफीस पर अपने मवेशी लेकर पहुंच गए. यह समाज एसटी कोटे में 3.5 प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहा है. फिलहाल इन्हें एनटी कोटे में आरक्षण प्राप्त है.

चरवाहा समाज के लोगों का कहना है कि सस्ता में आने से पहले चुनाव जीतने पर भाजपा ने हमें एसटी कोटे में आरक्षण देने का वादा किया था. लेकिन भाजपा को सत्ता में आए चार साल से ज्यादा हो चुके हैं. लेकीन अब तक  आरक्षण का फैसला नहीं लिया गया. उन्होंने आरक्षण न मिलने पर हिंसक आंदोलन की तरफ इशारा किया.