close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

पहली बार चुनावी दंगल में उतरने जा रहे हैं ठाकरे परिवार के 'आदित्य', वर्ली में रोड शो के बाद भरेंगे नामांकन

आदित्य ठाकरे को शिवसेना मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर प्रोजेक्ट कर रही है. शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे कई मंचों से कह चुके हैं कि वो शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे को दिया वचन एक दिन जरूर पूरा करेंगे और शिवसेना का मुख्यमंत्री सूबे में एक ना एक दिन जरूर कुर्सी पर फिर एक बार बैठेगा.

पहली बार चुनावी दंगल में उतरने जा रहे हैं ठाकरे परिवार के 'आदित्य', वर्ली में रोड शो के बाद भरेंगे नामांकन
@AUThackeray

मुंबईः महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2019 (Maharashtra Assembly Elections 2019) के लिए शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे मुंबई की वरली विधानसभा सीट से रोड शो के बाद गुरुवार को नामांकन दाखिल करेंगे. आदित्य ठाकरे 11 बजे तक रोड शो के बाद चुनावी नामांकन पत्र दाखिल करने वर्ली स्थित नामांकन दफ्तर पहुंचेंगे. इस मौके पर शिवसेना अपना शक्ति प्रदर्शन भी कर रही है। मुंबई की सड़कों पर बड़ी तादाद में शिवसैनिक उतर रहे है. आदित्य ठाकरे शिवसेना और बीजेपी के महागठबंधन के प्रत्याशी हैं.

आदित्य ठाकरे को शिवसेना मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर प्रोजेक्ट कर रही है. शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे कई मंचों से कह चुके हैं कि वो शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे को दिया वचन एक दिन जरूर पूरा करेंगे और शिवसेना का मुख्यमंत्री सूबे में एक ना एक दिन जरूर कुर्सी पर फिर एक बार बैठेगा.

आदित्य ठाकरे की विधायक बनने की राह में कोई मुश्किलें ना खडी हो इसे लेकर भी शिवसेना खासी मेहनत कर रही है. वर्ली विधानसभा चुनाव क्षेत्र के तौर पर सबसे पहले एक बेहद सुरक्षित सीट तलाशी गई. इस चुनाव क्षेत्र के एनसीपी के मुंबई अध्यक्ष और पूर्व मंत्री सचिन अहीर को शिवसेना में शामिल किया गया. ये सीट सचिन अहिर का विधानसभा क्षेत्र था. हालांकि पिछले चुनाव में शिवसेना विधायक सुनील शिंदे से अहिर ये सीट हार गये थे.

अब इस चुनाव क्षेत्र में कोई बड़ा विरोधी नेता आदित्य ठाकरे को चुनौती देने के लिए दिखाई नहीं दे रहा है. कयास है कि इस सीट पर विपक्ष कोई धाकड़ उम्मीदवार मैदान में ना उतारे इसे लेकर शिवसेना पहले से ही हाथ पांव मारने लगी थी. पिछले दिनों शिवसेना सांसद संजय राउत ने एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार से मुलाकात भी कर चुके हैं. हालांकि उन्होंने इसे निजी मुलाकात बताया था.

महाराष्ट्र का सियासी इतिहास गवाह है कि एनडीए में रहते हुए भी शिवसेना ने बीजेपी की नाराजगी को दरकिनार करते हुए कई बार एनसीपी और कांग्रेस की राजनीतिक मदद की है और शिवसेना अब इसी बात की विपक्ष को याद भी दिला रही है.साल 2006 में एनसीपी के राज्यसभा सांसद वसंत चव्हान का जब निधन हो गया था तब खाली हुई इस सीट के लिए हुए उपचुनाव में शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने राजनीति में अपना पहला कदम रखा था और तब बालासाहब ठाकरे ने सुप्रिया सुले के खिलाफ शिवसेना का उम्मीदवार चुनाव में ना उतारकर शरद पवार की बेटी की जीत का रास्ता साफ किया था. सुप्रिया ये चुनाव निर्विरोध जीत गई थी.

जबकि साल 2007 में राष्ट्रपति पद के लिए यूपीए से प्रतिभा पाटिल चुनाव लड़ रही थी, उस वक्त बाला साहब ठाकरे बीजेपी के एतराज़ को दरकिनार कर प्रतिभा पाटिल को समर्थन दे दिया था. शिवसेना ने गाहे-बगाहे कांग्रेस को भी मदद का हाथ बढाया है. साल 2012 में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी थे, प्रणब मुखर्जी- बालासाहब ठाकरे मुलाकात से सोनिया गांधी नाराज हुई. जिसका जिक्र प्रणब मुखर्जी ने अपनी आत्मकथा The Coalition Years-1996-2012 में किया है.

बालासाहब प्रणब मुखर्जी की मुलाकात एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने कराई थी. बालासाहेब ने कहा,' मराठा टाइगर का बंगाल टाइगर को समर्थंन'आज उद्धव से यह चुनाव निर्विरोध होगा क्या इस पर सवाल बार पूछा गया, जवाब में उद्धव बोले कि मैं किसी को ऐसा नहीं बोलूंगा कि हमने आपके लिए किया है. तो आप भी करो.

वर्ली विधानसभा सीट पर मराठी वोटरों का दबदबा है. इस सीट पर कई बड़ी कोरपोरेट कंपनियों के दफ़्तर है. आदित्य ठाकरे की छवि जिस की है उसमें अंग्रेजी बोलते वर्ग एलीट क्लास के साथ में मराठी लोगों से आदित्य का कनेक्ट हो सके.इस लिहाज से भी इस विधानसभा में आदित्य ठाकरे को यहां से चुनाव लड़ाया जा रहा है. जबकि आदित्य ठाकरे का निवास स्थान मातोश्री बांद्रा ईस्ट में है. जहां शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे सपरिवार रहते हैं उस विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम वोटरों की बडी संख्या है. लिहाजा मुंबई की वर्ली विधानसभा चुनाव क्षेत्र से लड रहे हैं. इससे पहले बाल ठाकरे, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे किसी ने भी चुनाव नहीं लड़ा है.