महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2019: चुनावी समर की शुरुआत, इन सीटों से ताल ठोक सकते हैं ये दिग्गज

महाराष्ट्र की 288 सीटों के लिए 21 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे और परिणाम 24 अक्टूबर को घोषित होगा.

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2019: चुनावी समर की शुरुआत, इन सीटों से ताल ठोक सकते हैं ये दिग्गज
महाराष्ट्र विधानसभा चुनावी समर में इस बार कई दिग्गज राजनेता कूदेंगे.

मुंबई: चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव (Maharashtra Assembly Elections 2019) की तारीखों का ऐलान कर दिया है. राज्य की 288 सीटों के लिए 21 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे और 24 अक्टूबर को चुनावी परिणाम घोषित होगा. महाराष्ट्र विधानसभा चुनावी समर में इस बार कई दिग्गज राजनेता और उनके परिवार के सदस्य ताल ठोकने जा रहे हैं. आइए नजर डालते हैं राज्य की प्रमुख विधानसभा सीटों और उनसे जुड़े उम्मीदवारों के चुनावी समीकरणों पर...

विदर्भ से राज्य की राजनीति में असर छोड़ने वाले नेता मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस नागपुर दक्षिण-पश्चिम विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतरेंगे. चंद्रपुर जिले के बल्लारपुर चुनाव क्षेत्र से सूबे के वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ताल ठोकेंगे. विदर्भ में नागपुर, वर्धा, अकोला, अमरावती, चंद्रपुर, बुलढाणा, यवतमाल और गोंदिया जिले आते हैं.

#मराठवाड़ा-
- औरंगबाद में पहली बार AIMIM ने जीत हासिल की लोकसभा चुनाव में इम्तियाज जलील यहां से सांसद हैं. शहर की महानगरपालिका में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी भी aimim बन चुकी है. इस चुनाव में औरंगाबाद और मराठवाड़ा में यह पार्टी काफी प्रभाव रखेगी.
- मराठवाड़ा के नांदेड़ लोकसभा क्षेत्र से हार का सामना कर चुके पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण इस जिले के भोकर चुनाव क्षेत्र से मैदान में उतरेंगे. यहां से उनकी पत्नी विधायक हैं.
- जालना जिले के भोकरदन से बीजेपी विधायक संतोष दानवे जो कि केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे के बेटे हैं, जो चुनावी मैदान में उतरेंगे.
- बीड जिले में परली विधानसभा में गोपीनाथ मुंडे की बेटी और मंत्री पंकजा मुंडे अपने चचेरे भाई एनसीपी नेता धनंजय मुंडे का आमना सामना होगा. धनंजय की उम्मीदवारी की घोषणा शरद पवार ने कर दी है.
- लातूर दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री विलास राव देशमुख का गृह जिला है. यहां से उनके बेटे कांग्रेस के विधायक अमित देशमुख हैं. मराठवाड़ा में औरंगबाद, नांदेड़, बीड, जालना, हिंगोली, लातूर, परभणी और उस्मानाबाद जिले आते हैं.

#पश्चिम महाराष्ट्र-
- पुणे जिले के बारामती से एनसीपी के अजित पवार, इंदापुर से कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए हर्षवर्धन पाटिल, शरद पवार की तीसरी पीढ़ी भी इस चुनाव में पोते रोहित पवार के तौर पर राजनीति में उतरेगी. इसी जिले से धनगर नेता और मंत्री महादेव जानकर भी हैं. धनगर आरक्षण का मुद्दा इस चुनाव में भी एहम होगा.
- सांगली जिले में इस्लामपुर से एनसीपी प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल विधानसभा चुनाव लड़ेंगे.
- कोल्हापुर जिले में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल चुनावी मैदान में ताल ठोकेंगे.
- सातारा से मराठा योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज विधायक शिवेंद्र राजे भोसले और सांसद उदयन राजे भोसले अब एनसीपी से बीजेपी में शामिल हुए हैं.
- सतारा से एनसीपी सांसद पद से इस्तीफ़ा दे चुके उदयनराजे लोकसभा सीट के लिए बीजेपी के उम्मीदवार बनेंगे जबकि पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण को कांग्रेस पार्टी उतारने की तैयारी में है.
- पश्चिम महाराष्ट्र में किसानों के बीच पूर्व सांसद राजू शेट्टी की पार्टी स्वाभिमानी शेतकरी संगठन की भी पहचान इस इलाक़े में है. अब यह पार्टी कांग्रेस एनसीपी गठबंधन के साथ जुड़ने जा रही है.
- अहमनगर जिला भी अब बीजेपी वाला बन चुका है. एनसीपी और कांग्रेस के दिग्गज नेता बीजेपी में शामिल हो चुके हैं. राधाकृष्ण विखे पाटिल अब बीजेपी में हैं. कांग्रेस में रहते कई प्रमुख मंत्री पदों पर रहे अब बीजेपी में भी विपक्षी नेता पद से इस्तीफा देकर बीजेपी सरकार में मंत्री है. बेटे सुजय ने पहले पार्टी जॉइन की फिर राधाकृष्ण विखे पाटिल ने बीजेपी का दामन थामा. इस परिवार के एज्यूकेशनल इंस्टीट्यूट, सहकारी शुगर मिले, जिले में है.

#उत्तर महाराष्ट्र-
- इस क्षेत्र में बीजेपी का विस्तार पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे ने किया. घोटाले के आरोप लगने के बाद मंत्री मंडल से बाहर हुए. जलगांव जिले के मुक्ताइनगर चुनाव क्षेत्र से लगातार 6 बार विधायक रह चुके हैं. बहु रक्षा खडसे रावेर लोकसभा सीट से सांसद है. जलगांव के जामनेर से मंत्री और दूसरे दलों के नेताओं को बीजेपी में प्रवेश करने का जिम्मा सीएम फडणवीस ने जिन नेताओं पर छोड़ा, वह गिरीष महाजन भी इसी जिले से हैं.
- छगन भुजबल, समीर भुजबल इस बार क्या शिवसेना में जाते है या फिर एनसीपी में यह भी यहां का बड़ा सवाल है.
- धुले जिले के दोंडाईचा में बीजेपी के मंत्री जयकुमार रावल राज परिवार से हैं.
- नंदूरबार जिला आदिवासी बहुल क्षेत्र है. यहां के कद्दावर एनसीपी नेता रहे पूर्व मंत्री विजय कुमार गावित 2014 में बीजेपी के साथ जुड़े. बेटी हिना गावित सांसद है.

#कोंकण क्षेत्र
- कोंकण में पहले शिवसेना को ठेस पहुचाने काम पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे ने किया. राणे कांग्रेस होते हुए अब बीजेपी में जॉइन करने की तैयारी में हैं. राणे 2014 में सिंधु दुर्ग के कुडाल चुनाव क्षेत्र से हार चुके हैं जबकि उनके बेटे नितेश राणे कणकवली से जीते हैं. यह शिवसेना की इच्छा पर रहेगा कि नारायण राणे बीजेपी जॉइन करें या नहीं.
- रायगड़ जिले में मराठा योद्धा शिवाजी महाराज ने मराठा साम्राज्य की राजधानी की नींवरखी थी. अब उनके किले के अवशेष ही शेष रहे हैं. लोकसभा चुनाव में शिवसेना से पूर्व केंद्रीय मंत्री अनंत गीते हार गए. एनसीपी के बड़े नेता सुनील तटकरे जीते. तटकरे परिवार में दरार पड़ चुकी है सुनील तटकरे का भतीजा विधायक अवधूत तटकरे अब शिवसेना में है. बताया जाता है इनके खिलाफ अब सुनील तटकरे की बेटी अदिति चुनाव लड़ेंगी.  
- ठाणे शिवसेना का गढ़ है. मंत्री एकनाथ शिंदे ने पार्टी को राज्य के सबसे बड़े जिले ठाणे को शिवसेना गढ़ के रूप में तब्दील किया है.
- पालघर जिले में भी शिवसेना हर गांव में पहुंच चुकी है, जबकि नवी मुंबई में एनसीपी के पूर्व मंत्री गणेश नाईक अपने विधायक बेटे और वर्चस्व वाली महानगरपालिका के करीब 50 पार्षदों के साथ बीजेपी में शामिल हो चुके हैं.
- पालघर जिले में वसई-विरार नालासोपारा और बोइसर सीट पहले दबंग नेता बहुजन विकास आघाडी के प्रमुख हितेंद्र ठाकुर के कब्जे में थी. उनके 3 विधायक थे. अब एक विधायक शिवसेना में गया जबकि दोनों ठाकुर पिता-पुत्र के लिए इस बार चुनाव आसान नहीं है. बीजेपी और शिवसेना ने इस क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ा दिया है.

#मुंबई क्षेत्र
- इस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से मिलिंद देवरा, संजय निरुपम को भी कांग्रेस से उतारा जा सकता है. जबकि शिवसेना से ठाकरे परिवार से पहला शख्स वरली से आदित्य ठाकरे चुनाव लड़ने जा रहे हैं. मुंबई शहर में एनसीपी अपने वजूद के लिए लड़ रही है. 2014 के चुनाव में शिवसेना बीजेपी को जितनी बड़ी जीत मिली इसके पहले कभी नहीं मिली थी.

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में दलीय स्थिति (2014 के नतीजे)

कुल सीट – 288

बीजेपी – 122

शिवसेना– 63

कांग्रेस – 42

एनसीपी– 41

अन्य- 20

हालांकि करीब एक दर्जन कांग्रेस और एनसीपी के विधायक बीजेपी और शिवसेना में शामिल हो चुके हैं.

 

*क्षेत्र के अनुसार नतीजे

विदर्भ-

कुल सीट– 62

बीजेपी – 44

शिवसेना – 4

कांग्रेस– 10

एनसीपी– 01

अन्य-03
 

#मराठवाड़ा

कुल सीट– 46

बीजेपी – 15

शिवसेना – 11

कांग्रेस – 09

एनसीपी – 08

अन्य-03

#पश्चिम महाराष्ट्र-

कुल सीट– 70

बीजेपी – 24

शिवसेना – 13

कांग्रेस – 10

एनसीपी – 19

अन्य- 4

#उत्तर महाराष्ट्र-

कुल सीट– 35

बीजेपी – 14

शिवसेना – 07

कांग्रेस– 07

एनसीपी– 05

अन्य- 02

#कोंकण

कुल सीट– 39

बीजेपी – 10

शिवसेना – 14

कांग्रेस– 01

एनसीपी – 08

अन्य- 6

#मुंबई

कुल सीट – 36

बीजेपी – 15

शिवसेना – 14

कांग्रेस – 05

एनसीपी – 00

अन्य- 02

नोट:- अन्य में AIMIM/SP/बहुजन विकास आघाडी/निर्दलीय हैं.