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महाराष्ट्र कांग्रेस की राहुल गांधी से इस्तीफे की पेशकश वापस लेने की अपील

पिछले हफ्ते सीडब्ल्यूसी की बैठक में राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश की थी. हालांकि पार्टी से जुड़े फैसले लेने वाली इस शीर्ष इकाई ने सर्वसम्मति से उनका इस्तीफा खारिज कर दिया था. 

महाराष्ट्र कांग्रेस की राहुल गांधी से इस्तीफे की पेशकश वापस लेने की अपील
राहुल गांधी (फाइल फोटो)

मुंबई: महाराष्ट्र कांग्रेस ने गुरुवार को पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी से अपने इस्तीफे की पेशकश वापस लेने की अपील करते हुए पार्टी की वैचारिक लड़ाई का नेतृत्व करते रहने की अपील की.  एक बैठक में यहां सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित हुआ जिसके जरिए पार्टी की राज्य इकाई ने गांधी से अपील की.

यह प्रस्ताव महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष अशोक चव्हाण और पार्टी के मुंबई इकाई के प्रमुख मिलिंद देवड़ा ने पेश किया. दोनों को ही हाल में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में क्रमश: नांदेड़ और मुंबई दक्षिण से हार का सामना करना पड़ा था.

इस प्रस्ताव में राज्य में कांग्रेस की करारी हार की जिम्मेदारी प्रदेश नेतृत्व द्वारा लेने की मांग की गई. राज्य की 48 लोकसभा सीटों में से सिर्फ एक सीट पर ही कांग्रेस जीत पाई. 

पिछले सप्ताह दिल्ली में कांग्रेस कार्यकारी समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश की थी. हालांकि पार्टी से जुड़े फैसले लेने वाली इस शीर्ष इकाई ने सर्वसम्मति से उनका इस्तीफा खारिज कर दिया और उनसे पार्टी अध्यक्ष बने रहने की अपील की. 

राज्य की इकाई एमपीसीसी ने प्रस्ताव में कहा कि लोकसभा का परिणाम स्तब्ध करने वाला और निराशाजनक था. पार्टी चुनाव में सिर्फ 52 लोकसभा सीटों पर ही जीत दर्ज कर पाई. 

पंजाब कांग्रेस ने भी की राहुल से अपील 
वहीं पंजाब कांग्रेस ने भी गुरुवार को राहुल गांधी के नेतृत्व में सर्वसम्मति से भरोसा दिखाया और इस मुश्किल की घड़ी में उनसे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के अध्यक्ष पद पर बने रहने की अपील की.

पार्टी विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने कहा कि हालिया लोकसभा चुनाव में पार्टी का खराब प्रदर्शन राहुल गांधी की ओर से किए प्रयास या दिशा की कमी को नहीं दर्शाता है. बल्कि यह भाजपा के राष्ट्रवाद ब्रैंड का नतीजा है जो देश की धर्मनिरपेक्ष रचना के खिलाफ है.

यह संकल्प पंजाब कांग्रेस लेजिस्लेटिव पार्टी (सीएलपी) और राज्य के नवनिर्वाचित सांसदों ने पीपीसीसी, एआईसीसी के महासचिव प्रभारी पंजाब आशा कुमारी के साथ मिलकर पारित किया. पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) का नेतृत्व यहां अध्यक्ष सुनील जाखड़ कर रहे थे. प्रस्ताव मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने पेश किया था.