उद्धव के शपथ ग्रहण समारोह में खास तौर पर पहुंचे फडणवीस, नहीं दिखे BJP के बड़े नेता

उद्धव के शपथ ग्रहण समारोह में खास तौर पर पहुंचे फडणवीस, नहीं दिखे BJP के बड़े नेता

सियासी कड़वाहट को भुलाकर पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस राज्य के नए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचे.

उद्धव के शपथ ग्रहण समारोह में खास तौर पर पहुंचे फडणवीस, नहीं दिखे BJP के बड़े नेता

मुंबई: महाराष्ट्र में लगातार एक महीने से चल रही सियासी उठापठक पर आज विराम लग गया. एनसीपी और कांग्रेस के सहयोग से शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे राज्य के 18वें मुख्यमंत्री बन गए हैं. खास बात यह रही कि पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित इस भव्य शपथ ग्रहण समारोह के गवाह बने. सियासी कड़वाहट को भुलाकर बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल भी मंच पर नजर आए. हालांकि, इन दोनों के अलावा बीजेपी का कोई बड़ा नेता समारोह में नहीं पहुंचा.
 
शिवाजी पार्क में शपथ ग्रहण समारोह में कारोबारी मुकेश अंबानी, उनकी पत्नी नीता अंबानी और बेटे भी मौजूद रहे. इसके आलावा पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मनोहर जोशी, मप्र के सीएम कमलनाथ, कांग्रेस नेता अहमद पटेल, कपिल सिब्बल, पृथ्वीराज चव्हाण, द्रमुक के स्टालिन, टीआर बालू, मनसे के राज ठाकरे ने हिस्सा लिया.इसके अलावा संजय राउत, मल्लिकार्जुन खड़गे, शरद पवार और सुप्रिया सुले भी समारोह में शामिल हुए.

दरअसल, 24 अक्टूबर को घोषित चुनावी नतीजों में महाराष्ट्र में बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, कांग्रेस को 44 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के खाते में 54 सीटें आईं. इसके बाद शिवसेना व भाजपा का चुनाव पूर्व गठबंधन, सीटों के बंटवारे व मुख्यमंत्री पद को लेकर टूट गया. बीजेपी की तरफ से संख्या की कमी के चलते सरकार बनाने से इनकार करने के बाद राज्यपाल ने दूसरी सबसे बड़ी पार्टी शिवसेना को आमंत्रित किया, लेकिन वह भी विफल रही, जिससे राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया गया.

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बाद में शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस ने सरकार बनाने के लिए महाराष्ट्र विकास अघाड़ी नामक गठबंधन बनाया और तीनों दलों के बीच सरकार गठन को लेकर न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर चर्चा होने लगी. लेकिन इसी बीच शरद पवार के भतीजे अजित पवार ने बीती शुक्रवार रात बीजेपी को समर्थन दिया और अपनी पार्टी के विधायकों के समर्थन का भरोसा दिया. इसके बाद तुरंत देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार को राज्यपाला ने उप मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई. हालांकि, यह महाराष्ट्र में सबसे अल्पकालिक सरकार रही, जो शनिवार सुबह 8 बजे शपथ लेने के बाद सिर्फ 80 घंटे तक ही रही. इसके चलते शिवसेना और बीजेपी के बीच दरार और ज्यादा बढ़ा गई. सेना के सांसद और प्रवक्त संजय राउत ने पाटिल के खिलाफ काफी बयानबाजी भी की.

इसके पीछे वजह यह रही कि महा विकास अघाडी गठबंधन ने सरकार गठन पर राज्यपाल के फैसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. सुनवाई में कोर्ट ने विधानसभा में फ्लोर टेस्ट कराने आदेश दिया. शीर्ष अदालत के आदेशों के अनुसार विधायकों के शपथ ग्रहण और फ्लोर टेस्ट का सीधा प्रसारण किया जाना है.

उधर, एनसीपी के चीफ शरद पवार और उनकी बेटी सुप्रिया सुले ने काफी मान-मनौव्वल के बाद बगावत का रुख अख्तियार करने वाले अजित पवार को डिप्टी सीएम पद से इस्तीफा दिलवाकर वापस बुला लिया. इसके बाद आगे की परिस्थितियों को भांपते हुए सीएम फणडवीस ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया. वहीं, शिवसेना-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-कांग्रेस के शीर्ष नेताओं द्वारा मुख्यमंत्री पद के लिए उन्हें सर्वसम्मति से महा विकास अघाड़ी का नेता चुन लिया. इसी तारतम्य में महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने गुरुवार (28 नवंबर) शाम 6.40 बजे उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. उद्धव के बाद कैबिनेट के अन्य मंत्रियों को शपथ दिलाई गई.

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