महाराष्ट्र: NCP विधायक दौलत दरोड़ा गायब, घरवालों ने पुलिस स्टेशन में दी गई शिकायत

इसके साथ नासिक कलवन इलाके से एनसीपी विधायक नीतिन पवार के भी गायब होने की बात कही जा रही है.  

महाराष्ट्र: NCP विधायक दौलत दरोड़ा गायब, घरवालों ने पुलिस स्टेशन में दी गई शिकायत
दौलत दरोड़ा ठाणे जिले की शाहपुर विधानसभा से विधायक हैं.

मुंबई: महाराष्ट्र में ठाणे जिले की शाहपुर विधानसभा से एनसीपी के विधायक दौलत दरोड़ा के गायब होने की खबर है. परिवार वालों ने पुलिस स्टेशन में विधायक जी के गायब होने का मामला दर्ज कराया गया है. शनिवार को पुलिस को दी गई शिकायत में कहा गया है कि पिछले महीने चुनाव जीते इलाके के विधायक कल रात यानि शुक्रवार देर रात से ही लापता हैं . जिससे उनकी परिवार काफी परेशान है. पुलिस से गुजारिश है की विधायक जी को जल्द से जल्द तलाश लिया जाए. ये मामला विधायक के परिवार के सदस्य पांडूरंग बरोरा की तरफ से दर्ज कराया गया है. 

इसके साथ नासिक कलवन इलाके से एनसीपी विधायक नीतिन पवार के भी गायब होने की बात कही जा रही है. 


नीतिन पवार

बता दें तकि महाराष्ट्र में शनिवार सुबह अचानक बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार को शपथ दिलाए जाने के खिलाफ शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट रविवार को सुबह 11.30 बजे सुनवाई करेगी. शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस शनिवार शाम सुप्रीम कोर्ट पहुंची और नई सरकार को 24 घंटे के भीतर बहुमत साबित करने का निर्देश देने की अपील की थी.

बीजेपी से नाता तोड़ चुकी पार्टी ने इस मामले में शीर्ष अदालत से आज ही रात याचिका पर सुनवाई करने का अनुरोध करते हुए कहा है कि खरीद-फरोख्त रोकने के लिए महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया जाए कि वह 24 घंटों के भीतर बहुमत साबित करे. याचिका स्वीकार कर ली गई है और सुनवाई के लिए रविवार को सुबह 11.30 बजे का समय तय किया है.

एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना ने अपनी याचिका में फडणवीस और अजित पवार की शपथ को अवैध ठहराने की मांग की है. इसके अलावा तीनों दलों के गठबंधन को सरकार बनाने के लिए आमंत्रण दिए जाने की कोर्ट से मांग की है. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सूरजेवाला ने पत्रकारों को बताया, "तीनों राजनीतिक दलों एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना ने शनिवार शाम याचिका दायर करते हुए सुप्रीम कोर्ट से तत्काल बहुमत परीक्षण कराने की अपील की है ताकि देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार के नेतृत्व वाली असंवैधानिक सरकार को एक्सपोज किया जा सके."

इससे पहले, कांग्रेस-एनसीपी और शिवसेना के वकील देवदत्ता कामत ने कहा कि उन्होंने अपनी याचिका में सुप्रीम कोर्ट से रविवार को ही फ्लोर टेस्ट कराने की अपील की है. कामत ने कहा, "हमने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि फडणवीस के पास बहुमत नहीं था, फिर भी राज्यपाल ने उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई. हमने 24 घंटे के भीतर फ्लोर टेस्ट कराने की अपील की है जैसा कि कर्नाटक के मामले में किया था. हमें उम्मीद है कि कोर्ट हमारी अपील सुनेगा. हमारी याचिका सुनवाई के लिए स्वीकार कर ली गई है."

इससे पहले, महाराष्ट्र के बड़े घटनाक्रम की शुरुआत शुक्रवार शाम हुई जब शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस सरकार बनाने के लिए अंतिम दौर में थे. तब तक बीजेपी और अजित पवार ने महाराष्ट्र के राज्यपाल से मिलने का फैसला कर लिया था. इसके बाद कल रात करीब सवा नौ बजे देवेंद्र फडणवीस ने राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी के पास जाकर सरकार बनाने का दावा पेश किया. फडणवीस ने अपने दावे में कहा उनके पास 173 विधायकों का समर्थन है. इनमें एनसीपी के 54 और 14 निर्दलीय विधायक शामिल थे. रात 11 बजकर 45 मिनट पर एनसीपी विधायक दल के नेता अजित पवार 54 विधायकों का समर्थन पत्र लेकर राज्यपाल से मिलने पहुंचे.