क्‍या शरद पवार ने भतीजे अजित पवार को दिल से कर दिया माफ? NCP से आया ये जवाब

Maharashtra : एनसीपी के वरिष्‍ठ नेता और शरद पवार के करीबी नवाब मलिक ने बताया कि अजीत पवार ने अपनी गलती स्‍वीकार की है और शरद पवार ने अपने भतीजे अजित पवार को माफ कर दिया है. 

क्‍या शरद पवार ने भतीजे अजित पवार को दिल से कर दिया माफ? NCP से आया ये जवाब
फाइल फोटो

मुंबई: महाराष्‍ट्र (Maharashtra) में बीजेपी (BJP) के साथ मिलकर सरकार बनाने वाले अजित पवार द्वारा इस्‍तीफा देकर एनसीपी (NCP)-शिवसेना (Shiv Sena) और कांग्रेस (Congress) गठबंधन सरकार में शामिल होने के बाद ये सवाल बार-बार पूछा जा रहा है कि क्‍या शरद पवार (Sharad Pawar) ने अजित पवार (Ajit Pawar) को माफ कर दिया है... तो इसका जवाब बुधवार को एनसीपी के वरिष्‍ठ नेता और शरद पवार के करीबी नवाब मलिक ने दे दिया. उन्‍होंने बताया कि अजीत पवार ने अपनी गलती स्‍वीकार की है और शरद पवार ने अपने भतीजे अजित पवार को माफ कर दिया है. 

उधर, सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाकर डिप्टी सीएम पद की शपथ लेने वाले शरद पवार के भतीजे अजित पवार को भी महाराष्ट्र विकास अघाड़ी सरकार में जगह मिल सकती है.

दरअसल, एनसीपी नेता शरद पवार आज दोपहर 1 बजे अपनी पार्टी के विधायकों की बैठक बुलाई है. खबर है कि इस बैटक में अजित पवार को डिप्‍टी सीएम बनाए जाने को लेकर फैसला होगा. खबर ये भी है कि इस बैठक में शरद पवार के साथ साथ अजित पवार भी शामिल हो सकते हैं.

खबरों की मानें तो एनसीपी अजित पवार को डिप्टी सीएम बनाने की तैयारी में हैं. खबर है कि मंत्रिमंडल की लिस्ट आज बनाई जाएगी जिसमें तीनो दलों के प्रमुख नेता शरद पवार, उद्धव ठाकरे और कांग्रेस से अहमद पटेल इस पर चर्चा कर अंतिम स्वरूप देंगे. ऐसा भी पहले शपथ ग्रहण में चुनिंदा मंत्रिपदों की शपथ ग्रहण हो सकती है. 

बता दें कि महाराष्ट्र में 24 अक्टूबर को आए नतीजों के बाद से लगातार चले आ रहे सियासी घटनाक्रम में सबसे अहम किरदार रहे एनसीपी के नेता अजित पवार. 54 विधायकों वाली पार्टी एनसीपी के विधायक दल के नेता अजित पवार ने 23 नवंबर को बीजेपी के साथ मिलकर डिप्टी सीएम पद की शपथ ले ली थी. सुबह 8 बजे हुए इस शपथ ग्रहण को देख रह कोई सन्न रह गया था.

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एक तरफ एनसीपी शिवसेना और कांग्रेस के बीच गठबंधन पर बातचीत चल रही थी वहीं दूसरी तरफ अजित पवार ने सभी विधायकों के समर्थन का पत्र दिखाकर देवेंद्र फडणवीस को समर्थन देने का दावा राज्यपाल के सामने पेश किया. लेकिन बीजेपी को समर्थन देने को लेकर अजित पवार ने न तो पार्टी प्रमुख शरद पवार को विश्वास में लिया ना ही किसी विधायक को. नतीजा ये हुआ कि सभी विधायक शरद पवार के पास ही रहे कोई भी विधायक अजित के साथ नहीं गया. वहीं दूसरी आनन फानन में राष्ट्रपति शासन हटाने और फडणवीस को शपथ दिलाने के मामले में शिवसेना-एनसीपी और कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई.

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रविवार (24 नवंबर), सोमवार (25 नवंबर) को कोर्ट में इस पर बहस हुई और मंगलवार (26 नवंबर) सुबह कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए फडणवीस सरकार को बहुमत साबित करने के लिए बुधवार शाम 5 बजे तक का समय दिया. ये जगजाहिर था कि नंबर फडणवीस के पास नहीं थे और विधायकों को अपनी तरफ लेने के लिए 24 घंटे का समय बहुत कम था. तो मंगलवार दोपहर तक अजित पवार ने डिप्टी सीएम पद से इस्तीफ दे दिया और उसके तुरंत बाद देंवेद्र फडणवीस भी इस्तीफा देने के लिए राज्यपाल के पास पहुंच गए.