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पंजाब में पराली जलाने वाले किसानों पर होगी बड़ी कार्रवाई, आगे से खेती के लिए नहीं मिलेगी जमीन

पंजाब (Punjab) में किसानों (farmers) को पराली (stubble) जलाने से रोकने के लिए सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है. 

पंजाब में पराली जलाने वाले किसानों पर होगी बड़ी कार्रवाई, आगे से खेती के लिए नहीं मिलेगी जमीन
(प्रतीकात्मक तस्वीर)

चंडीगढ़: पंजाब (Punjab) में किसानों (farmers) को पराली (stubble) जलाने से रोकने के लिए सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है. पंजाब के कृषि विभाग ने ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग को यह प्रस्ताव लागू करने के लिए कहा है कि यदि कोई किसान पंचायती जमीन (Panchayati land) पर पराली को आग (stubble burning) लगाता है तो उसे भविष्य में खेती करने के लिए पंचायती जमीन लेने से वंचित रखा जाए. गौरतलब है कि पंजाब (Punjab) में बहुत से किसान (farmer) पंचायत से जमीन लेकर खेती (farming) करते हैं.

पंजाब (Punjab) के कृषि विभाग के सचिव काहन सिंह पन्नू ने यह प्रस्ताव ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग को भेजा है. काहन सिंह पन्नू ने कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि जो किसान पंचायती जमीन (Panchayati land) लेकर खेती (farming) रहा है और यदि वो पराली (stubble) को पंचायती जमीन में आग लगाता है तो उसे भविष्य में पंचायती जमीन ना दी जाए. इसे प्रदूषण (Pollution) रोकथाम और नियंत्रण एक्ट 1981 की पालना सख्ती से होने दिशा में एक अहम फैसला माना जा रहा है.

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गौरतलब है कि पंजाब (Punjab) में भी धान की कटाई (Paddy harvesting) शुरू हो गई है और खेतों में पराली को आग लगाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. हालांकि इस पर रोक लगाने के लिए सरकार ने इस बार भी किसानों को जागरुक करने और पराली को खेत में समायोजित करने के लिए मशीनें उपलब्ध करवाने की भरपूर कोशिश की है मगर इसके बावजूद भी पराली को आग लगाने (stubble burning) का सिलसिला जारी है. इस साल क्योंकि 550वां प्रकाश पर्व भी है और बाहर से भी बहुत सारे लोगों का पंजाब (Punjab) में आना-जाना होगा लिहाजा सरकार चाहती है कि इस साल पिछले साल की तरह पराली जलाने से समस्याएं पैदा ना हों. क्योंकि इससे ना केवल सड़क दुर्घटनाओं (Road Accidents) की संभावना बढ़ जाती है बल्कि लोगों के स्वास्थ्य (public health) पर भी बुरा असर पड़ता है. खासकर सांस से जुड़ी समस्या झेल रहे लोगों को काफी दिक्क्त होती है. पराली जलाने से रोकने के लिए सरकार किसानों को गुरु नानक देव (Guru Nanak Dev) के उपदेशों की दुहाई भी दे रही है मगर किसान सरकार पर उचित सहायता ना करने का आरोप लगाकर पराली जलाने को अपनी मजबूरी बता रहे हैं.

पंजाब (Punjab) में करीब 1.37 लाख एकड़ जमीन पर खेती (farming) होती है. करीब दो करोड़ टन पराली (stubble) पंजाब के खेतों से हर साल निकलती है. इस बार पंजाब में करीब 29 हेक्टेयर जमीन में धान की फसल (Paddy crop) लगाई गई थी. फिलहाल सरकार का यह कड़ा फैसला किसानों को पराली जलाने (stubble burning) से रोक पाएगा या नहीं यह अभी देखना है.