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मालेगांव धमाका: पुरोहित, साध्वी, 5 अन्य के खिलाफ आरोप तय

गैरकानूनी गतिविधि निरोधक अधिनियम के तहत आरोपियों पर आतंकवादी कृत्य का हिस्सा रहने और भारतीय दंड संहिता के तहत आपराधिक साजिश और हत्या के आरोप तय किये गए.

मालेगांव धमाका: पुरोहित, साध्वी, 5 अन्य के खिलाफ आरोप तय
फाइल फोटो

अंकित त्यागी, मुंबईः मालेगांव बम विस्फोट (सितंबर 2008) मामले में एक विशेष अदालत ने मंगलवार को यहां लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित, साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और पांच अन्य के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि निरोधक अधिनियम (यूएपीए) और आईपीसी की धाराओं के तहत आरोप तय किये. विशेष राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अदालत के न्यायाधीश विनोद पढ़ालकर ने आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किये. गैरकानूनी गतिविधि निरोधक अधिनियम के तहत आरोपियों पर आतंकवादी कृत्य का हिस्सा रहने और भारतीय दंड संहिता के तहत आपराधिक साजिश और हत्या के आरोप तय किये गए. 

आरोप तय करना एक प्रक्रिया होती है जिसके बाद आपराधिक मामले में मुकदमा शुरू होता है. पुरोहित और साध्वी के अलावा मामले में दूसरे आरोपी मेजर (सेवानिवृत्त) रमेश उपाध्याय, अजय रहिरकर, सुधाकर द्विवेदी, सुधाकर चतुर्वेदी और समीर कुलकर्णी हैं. न्यायाधीश ने जब आरोपियों के खिलाफ आरोप पढ़े उस वक्त सभी आरोपी अदालत में मौजूद थे. 

केस से जुडी कुछ और जानकारियां
इस केस आरोपी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, कर्नल पुरोहित पर IPC की धारा 120 B , 302, 307, 304, 326 , 427 153 A के तहत केस दर्ज किया गया साथ ही UAPA और MCOCA की भी गंभीर धारायें लगाई गयी थी ,हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने साध्वी प्रज्ञा सिंह और कर्नल पुरोहित पर से MCOCA के तहत लगे आरोपो को हटा दिया था.

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित समेत 14 लोगों पर इस बम धमाके करने और उसकी साज़िश में शामिल होने के आरोप लगे है . फिलहाल मामले के सभी आरोपी बेल पर जेल से बाहर है. इस केस की जांच शुरू में महाराष्ट्र की ATS ने किया, जिसे बाद में NIA को सौंप दिया गया. ATS चीफ हेंमत करकरे ने मामले की शुरुआती जांच की, जो 26/11 मुंबई हमले में शहीद हो गए थे.

ATS को पहली सफलता बम धमाके में इस्तेमाल हुए मोटरसाइकिल के मालिक का पता लगाने के बाद मिली. ATS ने 24 अक्टूबर, 2008 को 3 आरोपियों साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, शिवनारायण सिंह और श्याम साहू को गिरफ्तार किया. मालेगांव ब्लास्ट केस में कर्नल पुरोहित, प्रवीण मुतालिक, साध्वी प्रज्ञा ठाकुर और दयानंद पांडेय को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया. आर्मी ऑफिसर पुरोहित को नवंबर 2008 में गिरफ्तार किया गया. पुरोहित को मालेगांव ब्लास्ट केस का मास्टरमाइंड बताया जाता है प्रवीण की गिरफ्तारी कर्नाटक से साल 2011 में हुई.

एबीवीपी पदाधिकारी रह चुकी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को अक्टूबर 2008 में ATS ने गिरफ्तार किया. साध्वी पर ब्लास्ट की प्लानिंग करने और ब्लास्ट के लिए इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल उपलब्ध कराने का आरोप है.दयानंद पांडेय सुधाकर द्विवेदी उर्फ दयानंद पांडेय एक स्वयंभू आध्यात्मिक गुरु हैं, जो जम्मू में अपना आश्रम चलाते थे, महाराष्ट्र ATS ने नवंबर 2008 को उन्हें कानपुर से गिरफ्तार किया था.

13 अप्रैल, 2011 को गृह मंत्रालय ने मालेगांव ब्लास्ट केस की जांच NIA को सौंप दी. इस केस में पहली चार्जशीट 20 जनवरी 2009 को महाराष्ट्र एटीएस ने MCOC कोर्ट में पेश की थी. जुलाई, 2009 में आरोपियों पर से मकोका की धाराओं को हटा दिया गया, लेकिन 2010 में एक बार उनपर मकोका की धाराओं को लगाया गया. साल 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने सभी आरोपियों पर से MCoCA की धारा हटाने का फैसला सुनाया.

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को अप्रैल, 2017 में 9 साल की हिरासत के बाद जमानत दी गई थी. बोम्बे हाईकोर्ट ने साध्वी को सेहत और दूसरे आधारों पर ये जमानत दें…इसके बाद कर्नल पुरोहित को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी. समानता के आधार पर सितंबर, 2017 में NIA कोर्ट ने सुधाकर चतुर्वेदी और सुधाकर द्विवेदी को भी सशर्त जमानत दे दी गई.

29 सितंबर, 2008 को मालेगांव शहर में दो बम धमाके हुए थे जिसमे 7 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 80 लोग जख्मी हुए थे. बाद में इसे अज्ञात ‘हिंदू चरमपंथियों’का पहला आतंकी मामला बताया गया इसी केस से विवादित हिन्दू आतंकवाद भगवा आतंकवाद के नाम को उछाला गया था .

(इनपुट भाषा से भी)