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पश्चिम बंगाल: ममता सरकार लागू करेगी 7th पे कमीशन, जनवरी 2020 से मिलेगा बढ़ा हुआ वेतन

 सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि हर कोई वेतन आयोग के हिसाब से सैलरी चाहता है. लोगों को यह समझना चाहिए कि केंद्र की वेतन संरचना राज्य से भिन्न है. 

पश्चिम बंगाल: ममता सरकार लागू करेगी 7th पे कमीशन, जनवरी 2020 से मिलेगा बढ़ा हुआ वेतन
उन्होंने कहा कि बंगाल को जितने नोबेल पुरस्कार मिले हैं, उतने देश के किसी अन्य हिस्से को नहीं मिले हैं.

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की ममता सरकार ने राज्य में 7वां वेतन आयोग लागू करने की घोषणा कर दी है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक कार्यक्रम के दौरान इसकी घोषणा की. बताया जा रहा है कि 7वां वेतन आयोग एक जनवरी, 2020 से लागू होगा. सीएम ममता बनर्जी ने घोषणा करते हुए कहा कि इसके तहत सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों, यूनिवर्सिटीज और सरकार से वित्तीय सहायता प्राप्त स्कूलों के शिक्षकों को इसका लाभ मिलेगा. उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष 16-17 लेकर 19-20 तक का वेतन 7वें वेतन आयोग के हिसाब से दिया जाएगा. इसी के साथ 3 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी भी की जाएगी.  

प्रेसीडेंसी यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम के दौरान सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि सबसे पहले, मैं प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय के कुलपति को बधाई देना चाहती हूं, क्योंकि अभिजीत बनर्जी प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र हैं. अभिजीत बनर्जी को नोबेल पुरस्कार मिलते देख मुझे बेहद गर्व है. उन्होंने कहा कि बंगाल को जितने नोबेल पुरस्कार मिले हैं, उतने देश के किसी अन्य हिस्से को नहीं मिले हैं. कलकत्ता विश्वविद्यालय और जादवपुर विश्वविद्यालय देश में पहले और दूसरे स्थान पर रहे हैं. इसका मुझे बेहद गर्व है. 

सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि हमारी सरकार ने 8 साल पूरे किए हैं. हमारी सरकार का किया गया काम बोल रहा है. उन्होंने विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग चिल्ला रहे हैं, उन्हें उस काम को देखना चाहिए, जो हमने किया है. उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के लोगों को ध्यान देना चाहिए कि वे क्या कह रहे हैं. उन्होंने कहा कि जब हम विपक्ष में थे , तब हमने कभी ऐसा कुछ नहीं कहा, जो राज्य सरकार द्वारा संभव नहीं था. 

उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार के पास RBI है, वे जब चाहें तब बैंक खोल सकते हैं और जब चाहें तब इसे बंद भी कर सकते हैं. केंद्र सरकार के कई फंड अभी भी लंबित हैं. उन्होंने कहा कि हर कोई वेतन आयोग के हिसाब से सैलरी चाहता है. लोगों को यह समझना चाहिए कि केंद्र की वेतन संरचना राज्य से भिन्न है. मैं वित्त विभाग की मंजूरी के बिना कोई भी मनमाना आदेश पारित नहीं करती हूं.