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राजस्थान: निजी क्षेत्र में बढ़ेगा निवेश, उद्योग विभाग कर रहा औद्योगिक समूहों से संवाद

राजस्थान सरकार(Rajasthan Government) नए निवेश पर फोकस कर रही है.

राजस्थान: निजी क्षेत्र में बढ़ेगा निवेश, उद्योग विभाग कर रहा औद्योगिक समूहों से संवाद
उद्योग भवन में औद्योगिक समूहों के साथ प्रमुख सचिव उद्योग डॉ सुबोध अग्रवाल ने बैठक की.

जयपुर: राजस्थान सरकार(Rajasthan Government) नए निवेश पर फोकस कर रही है. इसके साथ ही पुराने निवेशकों के इंडस्ट्री विस्तार की योजनाओं पर साथ खड़ी है. इसके लिए उद्योग भवन में औद्योगिक समूहों के साथ प्रमुख सचिव उद्योग डॉ सुबोध अग्रवाल ने बैठक की. बैठक में यूएस बेस्ड कारगिल और फ्रांस बेस्ड सेंट गोबेन ने अपने वर्तमान निवेश में इजाफे का प्लान साझा किया. कारगिल प्रदेश मे 140 करोड़ रुपए का नया निवेश करेगी. वहीं सेंटगोबेन भी नए ग्लास निर्माण की प्रक्रिया शुरू करेगी.

गहलोत सरकार का नए निवेश पर फोकस
अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया है कि विदेशी निवेशक(Forein Investors) अब नए निवेश के साथ ही विस्तारीकरण कार्यक्रमों में भी राजस्थान में निवेश(Investment in Rajasthan) को प्राथमिकता देने लगे हैं. उन्होंने बताया कि यूएस बेस्ड कारगिल और फ्रांस बेस्ड सेंट गोबेन कंपनी ने राजस्थान में अपने कार्यों को विस्तारित करने में रुचि दिखाई है. एसीएस डॉ. अग्रवाल बुधवार को उद्योग भवन के ब्यूरो ऑफ इंवेस्टमेंट प्रमोशन में आयुक्त उद्योग मुक्तानंद अग्रवाल के साथ संवाद कार्यक्रम के तहत कारगिल और सेंट गोबेन के प्रतिनिधियों से रुबरु हो रहे थे. 

रोजगार के बढ़ेंगे अवसर
अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. अग्रवाल, आयुक्त उद्योग मुक्तानन्द अग्रवाल और संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों के साथ प्रदेश के औद्योगिक प्रतिष्ठानों से नए औद्योगिक निवेश, विद्यमान इकाइयों के विस्तार कार्यक्रम और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए नियमित संवाद कायम कर रहे हैं. यूएस बेस्ड 153 सालों से खाद्य एवं कृषि क्षेत्र में 70 देशों में काम कर रही कंपनी कारगिल ने विस्तारीकरण कार्यक्रम के तहत कोटा के लाड़पुरा के पास पशुआहार से जुड़ी इकाई लगाने का प्रस्ताव दिया है. 20 एकड़ में लगने वाली इस इकाई में करीब 140 करोड़ का निवेश होगा और करीब 650 लोगों को प्रात्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा.

प्रदेश की मिट्टी से बनेंगे ग्लास
भिवाडी में 2014 से उत्पादन आरंभ करने वाली फ्रांस की कंपनी सेंटगोबेन इण्डिया ने विस्तार कार्यक्रम में अगले चरण में उच्चतम क्वालिटी का आवष्यकतानुसार रंग बदलने वाले ग्लास का उत्पादन भी आरंभ करेगी. 

उन्होंने बताया कि राजस्थान में करौली(Karauli), दौसा(Dausa), बयाना(Byana) और बूंदी(Boondi) की मिट्टी ग्लास बनाने के लिए सबसे उपयुक्त है. 

उन्होंने बताया कि करीब 1500 करोड़ की लागत से काम कर रही यह इकाई पूरी तरह से ऑटोमेटिक और एक हजार टन ग्लास का प्रतिदिन उत्पादन कर रही है.