close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

सीकर: नीमकाथाना में पोषण माह में स्वयं सहायक समूह की बैठक, कुपोषण पर हुई चर्चा

सीडीपीओ ने कुपोषण के सम्बध में चर्चा करते हुए बताया कि विश्व में सबसे अधिक भारतीय बच्चे अवरुद्ध विकास या स्टर्टिंग के शिकार हैं. स्टर्टिंग कुपोषण का भीषणतम रूप है. 

सीकर: नीमकाथाना में पोषण माह में स्वयं सहायक समूह की बैठक, कुपोषण पर हुई चर्चा
राजस्थान के हर हिस्से में हर साल कुपोषण की खबरें सामने आती है. (फोटो साभार: DNA)

सीकर: सीकर जिले के नीमकाथाना में मंगलवार को पोषण माह के अंतर्गत महिला स्वयं सहायक समूह की बैठक का आयोजन किया गया. जिसमें नीमकाथाना, पाटन, डाबला, मावंड आदि क्षेत्रों में कार्यरत 40 से अधिक स्वयं सहायक समूह के अध्यक्ष एवं सचिव कार्यक्रम में उपस्थित रहे.

कार्यक्रम में सीडीपीओ संजय चेतानी ने जानकारी देते हुए बताया कि बच्चों के कुपोषण की दर में कमी लाने और गर्भवती माताओं के पोषण स्तर में सुधार हेतु मार्च 2018 से राष्ट्रीय पोषण मिशन की शुरुआत की गई. वर्तमान में सितंबर पोषण माह के रूप मनाया जा रहा है. इस दौरान समुदाय के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए प्रतिदिन अलग-अलग गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है. 

सीडीपीओ ने कुपोषण के संबंध में चर्चा करते हुए बताया कि विश्व में सबसे अधिक भारतीय बच्चे अवरुद्ध विकास या स्टर्टिंग के शिकार हैं. स्टर्टिंग कुपोषण का भीषणतम रूप है. इसकी चपेट में आने वाले बच्चों का उनकी उम्र के हिसाब से, ना तो वजन बढ़ता है और ना ही लंबाई बढ़ती है. इसका मुख्य कारण भोजन में लंबे समय तक आवश्यक पोषक तत्वों की कमी और बार-बार होने वाले संक्रमण हैं.

उन्होंने कहा कि वर्तमान में सरकार द्वारा हर घर पोषण त्योहार चलो अपना पोषण व्यवहार के नारे के साथ पूरे 1 महीने तक पोषण से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम चला रहे हैं. कार्यक्रम के तहत आज चार गर्भवती महिलाओं की गोद भाराई रश्म भी अदा की गईं. 

आपको बता दें कि राजस्थान के अमूमन हर हिस्से में हर साल कुपोषण की खबरें सामने आती है. जो सरकार के लिए चिंता का विषय हैं. हालांकि सरकार की तरफ से लोगों में कुपोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने को लेकर कई कार्यक्रम किए जाते हैं. इसके बाद भी दूर दराज के गांवों में अभी भी लोगों को जागरूक करना बेहद जरूरी है.