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राजस्थान उपचुनाव से पहले एक साथ दिखा मिर्धा परिवार, कांग्रेस के लिए बनी सकारात्मक तस्वीर

यह चुनाव कुछ मायनों में इस लिए भी बने हुए हैं क्योंकि खींवसर में मिर्धा परिवार एक बार फिर से सक्रिय हुआ है. इससे पहले 1980 में हरेंद्र मिर्धा यहां से विजय हुए थे तब विधानसभा क्षेत्र मुंडवा था.

राजस्थान उपचुनाव से पहले एक साथ दिखा मिर्धा परिवार, कांग्रेस के लिए बनी सकारात्मक तस्वीर
नागौर में मिर्धा परिवार की खींचतान के साथ साथ गुटबाजी भी हावी रही है.

हनुमान तंवर, खींवसर: प्रदेश को दो विधानसभा सीटों पर हो रहे उपचुनाव में खींवसर विधानसभा का उपचुनाव सरकार और हनुमान बेनीवाल दोनों के लिए चुनौती बना हुआ है. दूसरी तरफ यह चुनाव इसलिए महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि पूरा मिर्धा परिवार इस बार एक नजर आ रहा है. जो कांग्रेस और कांग्रेस समर्थकों के लिए किसी सुखद अहसास से कम नहीं है.

खींवसर उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी हरेंद्र मिर्धा के समर्थन में बुधवार को नागौर में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया जहां से कांग्रेस समर्थकों के लिए एक सुखद तस्वीर निकल कर सामने आई है. यह तस्वीर है पूरे मिर्धा परिवार की जो इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक मंच पर नजर आया. रिछपाल मिर्धा, ज्योति मिर्धा और कांग्रेस प्रत्याशी हरेंद्र मिर्धा इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक साथ नजर आए. अब से पहले जितने भी चुनाव हुए उनमें यह तीनों अलग अलग धड़ों में बंटे नजर आते थे जिसके खामियाजा ना केवल पहले हुए चुनावो में इनको बल्कि कांग्रेस पार्टी को भी भुगतान पड़ा था.

यह चुनाव कुछ मायनों में इस लिए भी बने हुए हैं क्योंकि खींवसर में मिर्धा परिवार एक बार फिर से सक्रिय हुआ है. इससे पहले 1980 में हरेंद्र मिर्धा यहां से विजय हुए थे तब विधानसभा क्षेत्र मुंडवा था. आज विधानसभा क्षेत्र भी बदल गया है और यहां की परिस्थितियां भी लेकिन इस चुनाव में हरेंद्र मिर्धा के साथ सहानुभूति भी जुड़ रही है. आम जन में हरेंद्र मिर्धा के लंबे समय बाद एक बार फिर से क्षेत्र में सक्रिय होने और उनकी बढ़ती उम्र के कारण उनका यह अंतिम चुनाव माने जाने के कारण लोगों की सहानुभूति मिर्धा को मिलती नजर आ रही है. जिसका फायदा कहीं न कहीं हरेंद्र मिर्धा को मिलना तय है.

इन चुनावों में कांग्रेस के पक्ष में एक और बात बन रही है और वो यह है कि नागौर में मिर्धा परिवार की खींचतान के साथ साथ गुटबाजी भी हावी रही है. जो हर बार चुनावो के वक्त सामने आती है लेकिन आज पिसी में सभी कांग्रेस विधायकों ने अपनी एकजुटता दिखाई. यहां लाडनूं विधायक मुकेश भाकर, नावां विधायक हरेंद्र चौधरी, जायल विधायक मंजू मेघवाल के साथ कई पूर्व विधायक भी एक मंच पर नजर आए. 

बहरहाल खींवसर के चुनावों में जो सम्मिकरण बन रहे हैं वो कहीं ना कहीं कांग्रेस के पक्ष में जाते नजर आ रहे हैं. हालांकि इनका नतीजा क्या होगा यह तो 21 अक्टूबर को वोटिंग और 24 अक्टूबर को मतगणना में तय होगा.