उत्तर प्रदेश में अपराधी अब भी बेखौफ! वकील का शव जलाकर दफनाया, इलाके में तनाव

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में वकील धर्मेंद्र चौधरी  की हत्या कर दी गई. धर्मेंद्र चौधरी  आठ दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे. कातिलों ने उनके शव को जलाकर एक पुलिस चौकी के पीछे दफना दिया.

उत्तर प्रदेश में अपराधी अब भी बेखौफ! वकील का शव जलाकर दफनाया, इलाके में तनाव
प्रतीकात्मक तस्वीर 

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बुलंदशहर में वकील धर्मेंद्र चौधरी की हत्या कर दी गई. धर्मेंद्र चौधरी आठ दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे. कातिलों ने उनके शव को जलाकर एक पुलिस चौकी के पीछे दफना दिया. बता दें कि गुमशुदा वकील की तलाश में बुलंदशहर पुलिस ने चप्पा-चप्पा छान डाला था. इस दौरान ड्रोन से Search opration चलाया गया था. इस हत्या के मामले में टाइल्स गोदाम मालिक और उसके नौकर को अरेस्ट किया गया है.

पुलिस के मुताबिक धर्मेंद्र की बेहद निर्मम तरीके से हत्या की गई. हत्यारों ने धर्मेंद्र के शव को पहले आग के हवाले किया. इसके बाद एक टाइल्स के गोदाम में 6 फीट गहरा गड्ढा खोदा. इस गड्ढे में लाश को जलाकर दफना दिया. वकील धर्मेंद्र की हत्या के बाद खुर्जा में तनाव का माहौल है. पुलिस प्रशासन ने तनाव को देखते हुए वहां भारी पुलिस बल तैनात किया है.

बता दें कि धर्मेंद्र 25 जुलाई की रात से संदिग्ध हालात में गायब गए थे. इसकी सूचना पुलिस विभाग को दी गई थी. सूचना पाकर मेरठ जोन आईजी प्रवीण कुमार रात में ही मौके पर पहुंच गए थे. गुमशुदगी वाले दिन से ही पुलिस वकील की तलाश में जुट गई थी. पुलिस ने किसी अनहोनी का अंदाजा लगाते हुए इलाके के खेत, जंगल, नहर सभी जगह तलाश की मगर पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला. 

मृतक के भाई बृजेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस की तलाशी के दौरान 31 जुलाई की देर रात बुलंदशहर के खुर्जा इलाके के एक पाॅश एरिया में कबाड़ी बाजार स्थित एक मार्बल के गोदाम में पुलिस ने तलाशी ली. यहां खुदाई के दौरान 6 फीट गहरे टैंक में लापता वकीला का शव मिला. शव की पहचान न हो सके इसके लिए उसे आग लगा दिया था. पुलिस की मानें इस घटना के बाद इलाके में तनाव है. 

तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. हत्या के मामले में टाइल्स गोदाम के मालिक विवेक उर्फ विक्की को और उसके दो नौकरों को अरेस्ट कर लिया है. एएसपी बुलंदशहर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि हत्या का आरोपी लापता अधिवक्ता को तलाशने में पहले दिन से ही पुलिस को मदद कर रहा था. इस घटना के बाद यूपी सरकार विपक्ष के निशाने पर है बता दें कि इससे पहले कानपुर में फिरौती को लेकर दो युवकों की हत्या हो चुकी है.