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SHO घूसकांड मामला: विधायक राजेंद्र सिंह विधूड़ी ने कहा- चित्तौड़गढ़ SP के भूमिका की हो जांच

बेगूं एसएचओ ट्रैप घूसकांड मामले(Bengu SHO Bribe Case)में परिवादी विधायक राजेंद्र सिंह विधूड़ी(Rajendra Singh Bidhuri) ने मामले में स्थानीय एसपी की भूमिका को संदिग्ध बताया है. 

SHO घूसकांड मामला: विधायक राजेंद्र सिंह विधूड़ी ने कहा- चित्तौड़गढ़ SP के भूमिका की हो जांच
बेंगू विधायक राजेंद्र सिंह विधूड़ी. (फोटो साभार: Twitter/rajendrabidhuri)

चित्तौड़गढ़: बेगूं एसएचओ ट्रैप घूसकांड मामले(Bengu SHO Bribe Case)में परिवादी विधायक राजेंद्र सिंह विधूड़ी(Rajendra Singh Bidhuri) ने मामले में स्थानीय एसपी की भूमिका को संदिग्ध बताया है.

उन्होंने प्रदेश सरकार से चित्तौड़गढ़ एसपी को तुरंत हटाने की मांग की है. मामला सामने आने के बाद विधायक राजेंद्र सिंह विधूड़ी ने एक प्रेस-वार्ता कर मीडिया से सामने अपना पक्ष रखा. उन्होंने कहा है कि पिछली सरकार के समय से कार्यjत पुलिस अधिकारियों की भी जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि पुलिस कप्तान की भूमिका भी संदेह के दायरे में है. 

किए चौंकाने वाले खुलासे
डोडा पोस्त चूरे के खेल में एसीबी के हत्थे चढ़े बेंगु एसएचओ से जुड़े भ्रष्टाचार मामले को लेकर परिवादी विधायक राजेन्द्र सिंह विधूड़ी ने प्रेस वार्ता में कई और चौंकाने वाले खुलासे किये है. विधायक विधूड़ी ने बताया कि आज राजस्थान के बहुत से जिलों में खासतौर पर गंगानगर ,हनुमानगढ़ में युवा नशे की जद में आ चुके है. नशे की खुराक ना सिर्फ पंजाब से बल्कि राजस्थान में भी उपलब्ध हो रही है.

भ्रष्टाचार के खेल में सने हैं जिम्मेवार अधिकारी
विधायक ने बताया कि जिन लोगों के पास मादक पदार्थ तस्करी और उससे जुड़े अपराध को रोकने की जिम्मेदारी है उनक लोगों के हाथ ही भ्रष्टाचार के खेल में सने हुए है.

एसीबी की कार्रवाई में विधायक हैं परिवादी
दरअसल बुधवार को एसीबी की जो कार्रवाई की गई उसमें खुद एमएलए विधूड़ी ही परिवादी है. घूसखोर बेंगु थाना एसएचओ ने एमएलए को जयपुर में हवाला के जरिये 11 लाख रूपये की घूस पहुंचाई थी. लेकिन एसीबी की टीम ने मौके पर इस रिवर्स ट्रैप को अंजाम दे डाला. मामले में विधायक की तरफ से साफ़ इशारा किया गया है कि नीचे से लेकर ऊपर तक खाकी संदेह के दायरे में है और तुरंत मामले में कार्रवाई होनी चाहिए और पुलिस अधीक्षक को तुरंत हटा देना चाहिए. मलाईदार थाने बेंगु पर एसएचओ रहते हुए वीरेंद्र सिंह ने मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में करोड़ों डकारे और जब उसे लगा कि विधायक उसका तबादला करा सकते है तो उसने विधायक को भी घूस के खेल में शामिल होने के लिए रिश्वत की पेशकश करते हुए करोड़ों तक ऑफर कर दिए. लेकिन एमएलए विधूड़ी ने शिकायत एसीबी में कर डाली. मामले में अब तक हवाला के जरिये पैसे देने वाले शख्स एसएचओ बेंगू की गिरफ़्तारी हुई है. लेकिन मादक पदार्थों से जुड़े इस  रिश्वत के खेल में बड़े चेहरे बेनकाब होना बाकि है. चाहे वो चेहरे पिछली सरकार के हो या फिर वर्तमान सरकार के.