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कश्मीर में 70 दिनों बाद बजी मोबाइल फोन की घंटी, लोगों ने कहा यह उनके लिए ईद से कम नहीं

70 दिनों बाद मिली इस बड़ी राहत (relief) के बाद श्रीनगर (Srinagar) की सड़कों पर लोगों को दोस्तों और रिश्तेदारों को फोन करते देखा गया.

कश्मीर में 70 दिनों बाद बजी मोबाइल फोन की घंटी, लोगों ने कहा यह उनके लिए ईद से कम नहीं
सुबह लगभग 11:45 पर फोन की घंटियां 70 दिनों बाद एक बार फिर बजने लगीं

श्रीनगर: कश्मीर घाटी (Kashmir Valley) में राज्य सरकार द्वारा पोस्टपेड मोबाइल फोन सेवाएं (Postpaid Mobile Phone Services) बहाल कर दी गई हैं. अगस्त में अनुछेद 370 (Article 370) हटाने के बाद राज्य में कई बंदिशें लगी थीं मगर अब इन्हें हालातों में सुधार को देखते हुए धीरे-धीरे समाप्त किया जा रहा है. मोबाइल फोन कॉलिंग सेवा (Mobile phone calling service) बहाल होने को कश्मीर (Kashmir) निवासियों ने बेहद सराहा है. 70 दिनों बाद मिली इस बड़ी राहत (relief) के बाद श्रीनगर (Srinagar) की सड़कों पर लोगों को दोस्तों और रिश्तेदारों को फोन करते देखा गया. सुबह लगभग 11:45 पर फोन की घंटियां 70 दिनों बाद एक बार फिर बजने लगीं. आपको बता दें कि घाटी (Valley) में लगभग 60 लाख मोबाइल कनेक्शन (Mobile connection) हैं और उनमें से 40 लाख पोस्टपेड (Postpaid) हैं.

राजबाग के एक निवासी बशीर अहमद के घर पर मानो ईद (Eid) थी. वह 12 बजे से ही अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से बात कर रहे थे. बशीर ने कहा यह उनके लिए किसी ईद से कम नहीं है. बशीर ने कहा कि मोबाइल फोन (Mobile Phone) का चलना कश्मीर (Kashmir) निवासियों के लिए बेहद राहत (relief) की बात है, इससे काफी समस्याएं दूर होंगी. वह मानते हैं कि अब स्कूलों में बच्चों की हाजरी भी बढ़ेगी. क्योंकि लोगों का अपने बच्चों से संपर्क रहेगा और कारोबारी भी अपने कारोबार को बेहतर तरीके से चला सकेंगे. बशीर की पत्नी और बेटा भी खुश दिखे और इस कदम को सराहा.

बशीर अहमद ने जी मीडिया (Zee Media) से कहा, "आज मुझे लगता है कि यह ईद (Eid) से कम नहीं है इसे मैं ईद-उल-मोबाइल (Eid-Ul-Mobile) कहता हूं. मैं आपको अपने घर कल आमंत्रित करता हूं. मैं अपने बच्चों को अब स्कूल (School) भेजूंगा, पहले मेरे पास कम्युनिकेशन (communication) नहीं थी. अब यह दुविधा दूर हुई. अब सब कुछ ठीक होगा. अब अगर नेट चला तो सब ठीक होगा. यहां 370 उठने से लोगों को कोई परेशानी नहीं हैं, अगर परेशानी थी तो मोबाइल (Mobile) की थी."

बशीर की पत्नी फरहत ने जी मीडिया (Zee Media) से कहा, "मोबाइल (Mobile) आज के दौर में बेहद जरूरी है. जैसे रेगिस्तान में प्यासे को पानी मिला हो. मैंने अपने माइके बात की. मां और भाई से बात की. मैं अपने बच्चों को कल स्कूल भेजूंगी. मुझे अब कांटेक्ट (contact) रहेगा. मोबाइल फोन (Mobile Phone) अब रिस्टोर हो गए हैं. बाकी लोगों से भी निवेदन करती हूं की वे भी अपने बच्चों को स्कूल (School) भेजें क्योंकि यह हमारे मुस्तकबिल हैं."

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कश्मीर (Kashmir) के लोगों ने मोबाइल फोन (Mobile Phone) चलने से रहत की सांस ली. जी मीडिया (Zee Media) ने जिससे भी बात की उसने इस कदम को सराहा और सरकार का शुक्रिया आभार किया. खास कर छात्रों और कारोबारियों ने इसे एक बड़ी राहत (relief) वाला फैसला बताया. युवा साकिब अहमद भी बेहद खुश दिखे और सरकार के इस फैसले को सराहा. उन्होंने कहा, "हम सरकार के लिए खुश और शुक्रगुजार हैं कि उन्होंने पोस्टपेड कनेक्शन (Postpaid connection) फिर से खोल दिया है. हम समझते हैं कि परेशानियां दूर होंगी."

एक अन्य कश्मीरी युवा (Kashmiri youth) आमिर कहते हैं, "हमारे साथियों के मोबाइल (Mobile) बजे. इर्द-गिर्द का माहौल बहुत अच्छा हो गया है. बहुत अच्छा महसूस हो रहा है कश्मीर (Kashmir) में." कुल मिलाकर सभी लोगों ने इस कदम को सराहा है. हालांकि सितंबर में सरकार ने लैंडलाइन फोन (landline phone) को पूरी तरह से फिर से शुरू कर दिया था, क्योंकि लोगों ने उन्हें बहाल करने के लिए सरकार से अपील की थी. अब केवल इंटरनेट सेवा (Internet service) और प्रीपेड मोबाइल फोन सेवा (Prepaid mobile phone service) पर ही प्रतिबंध है. जिसके बारे में सरकार सोच विचार कर रही है. घाटी में करीब 20 लाख से अधिक प्रीपेड मोबाइल फोन (Prepaid mobile phone) हैं जो अभी काम नहीं कर रहे हैं.

सूत्रों के मुताबिक घाटी (Valley) में सुरक्षा स्थिति पर बात करने के बाद फोन सेवा (Phone Service) फिर से शुरू की गई है जिसकी लोग कई दिनों से लगतार मांग कर रहे थे. अधिकारियों ने कॉलिंग सेवा (Calling Service) को निलंबित करने के पीछे घाटी में बड़े पैमाने पर आतंकी हमलों (Terrorist attacks) के इनपुट का हवाला दिया था. हालांकि, सुरक्षाबलों को अभी भी कश्मीर (Kashmir) में आतंकी हमलों के इनपुट हैं जो पाकिस्तान (Pakistan) समर्थक आतंकी गुट (Terrorist Group) कर सकते हैं. मगर लोगों की दिक्कतों को देखते हुए मोबाइल कॉलिंग सेवा (Mobile Calling Service) फिर शुरू कर दी गई है. जिससे ना सिर्फ कश्मीर (Kashmir) के लोगों को राहत मिलेगी बल्कि घाटी (Valley) में आने वाले पर्यटक (Tourist) भी चैन से अपना टूर कर सकेंगे.