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माउंट आबू की बदलेगी रंगत, अब ऑनलाइन परमिशन से अपने जर्जर घर बनवा पाएंगे लोग

जर्जर आशियाने में वक्त गुजारते एक दो पीढ़ी निकल चुकी है. अब जर्जर भवन में जान जोखिम में डाल कर जी रहे इन वाशिंदों को एक नई उम्मीद जगी है. माउंट आबू के वाशिंदे जल्द ही अपने जर्जर आवासों की मरम्मत के साथ नए आवास का निर्माण भी कर सकेंगे.

माउंट आबू की बदलेगी रंगत, अब ऑनलाइन परमिशन से अपने जर्जर घर बनवा पाएंगे लोग
जर्जर आशियाने में वक्त गुजारते एक दो पीढ़ी निकल चुकी है.

साकेत गोयल, सिरोही: जिले के माउंट आबू का नाम जेहन में आते ही प्रकृति की खूबसूरत वादियां, नक्की झील का मनोरम दृश्य मन तरंगों में घूमने लगते हैं. माउंट आबू को प्रकृति ने खूबसूरती की विरासत से नवाजा है. यही वजह है, कि देश दुनिया से सैलानी यहां खिंचे चले आते हैं, लेकिन क्या माउंट आबू में रहने वाले वाशिंदे की जिंदगी भी उतनी ही खूबसूरत है? इस सवाल का जवाब सुनकर आप चौंक जाएंगे. इन खूबसूरत वादियों के बीच रहने वाले यहां के मूल बाशिंदों के आवास इतने जर्जर हो चुके हैं, कि आप सोच भी नहीं सकते हैं.

यकीन मानिए माउंट आबू के मूल वाशिंदों के आवास आप देखेंगे तो आपको लगेगा कि आशियाना नहीं, बल्कि कबाड़खनना है. मूल वाशिंदों के ज्यादातर घर जर्जर और टूटी फूटी हालत में हैं. माउंट आबू के मूल वाशिंदे पिछले 25 से 30 सालों से ऐसे ही जिंदगी जीने को विवश हैं. 

जर्जर आशियाने में वक्त गुजारते एक दो पीढ़ी निकल चुकी है. अब जर्जर भवन में जान जोखिम में डाल कर जी रहे इन वाशिंदों को एक नई उम्मीद जगी है. माउंट आबू के वाशिंदे जल्द ही अपने जर्जर आवासों की मरम्मत के साथ नए आवास का निर्माण भी कर सकेंगे. एसडीएम डॉ. रविंद्र गोस्वामी ने जानकारी दी है, कि माउंट आबू के जर्जर अवस्था में स्थित आवासों के साथ-साथ नए निर्माण के आवास की अनुमति ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के तहत जारी की जा सकेगी. 

हलांकि माउंट आबू के लोगों का पिछला अनुभव इतना हताशा और निराशा से भरा हुआ हैं, कि उन्हें यकीन कर पाना मुश्किल हो रहा है, कि सरकार की जारी इस प्रक्रिया से उनकी वर्षों पुरानी आवासीय समस्याओं का कोई समाधान निकल पाएगा? दरअसल, 1 साल से भी अधिक अवधि से कई लोगों ने रिपेयरिंग के लिए आवेदन किया था, लेकिन वे आज भी केवल आवेदन की ही प्रतीक्षा कर रहे हैं. अब ऑनलाइन आवेदन से माउंट आबू के वाशिंदों को एक नई उम्मीद जगी है.

--सुजीत कुमार निरंजन, न्यूज डेस्क